क्या बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरें बेबुनियाद हैं? अभिषेक रंजन का बयान
सारांश
Key Takeaways
- बैठक में सभी वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
- अफवाहों को बेबुनियाद बताया गया।
- कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उपायों पर जोर दिया गया।
- अभिषेक रंजन ने पार्टी की एकता पर जोर दिया।
- बिहार की जनता के मुद्दों पर काम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कांग्रेस की दिल्ली में आयोजित हुई बैठक के बाद कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि यह कोई विशेष बैठक नहीं थी, बल्कि एक सामान्य और नियमित चर्चा का हिस्सा थी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में न केवल विधायक बल्कि सांसद, विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में कांग्रेस को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े मुद्दों और राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अभिषेक रंजन ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "हर नेता ने अपनी राय साझा की और सभी के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया।"
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या बिहार कांग्रेस के 6 विधायक पार्टी छोड़ने की इच्छा रखते हैं और अन्य दलों से संपर्क में हैं, तो उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अभिषेक रंजन ने कहा, "ये सभी बातें बेतुकी और गैरजरूरी हैं। अगर किसी विधायक ने आपसे कुछ कहा है, तो उस पर हम और चर्चा कर सकते हैं। अगर इन बातों का कोई ठोस आधार नहीं है, तो फिर इस मुद्दे का कोई महत्व नहीं है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में इस प्रकार की अफवाहों से कोई घबराहट नहीं है और कांग्रेस पूरी तरह से संगठन को मजबूत करने और बिहार की जनता के मुद्दों पर काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अभिषेक रंजन ने यह भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व और कार्यकर्ता एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं और किसी भी प्रकार की अटकलों का पार्टी की रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अभिषेक रंजन बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं। वे कांग्रेस के सदस्य हैं और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हुए थे। अभिषेक रंजन ने यह चुनाव 602 वोटों के अंतर से जीता था।