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क्या साल बदलने से 'इंडी गठबंधन' की स्थिति में कोई बदलाव आया?

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क्या साल बदलने से 'इंडी गठबंधन' की स्थिति में कोई बदलाव आया?

सारांश

क्या 'इंडी गठबंधन' की स्थिति साल बदलने पर भी नहीं बदली? भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की टिप्पणियां कांग्रेस और टीएमसी पर सीधे हमले करती हैं। जानिए इस राजनीतिक महासंग्राम की सच्चाई।

मुख्य बातें

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और टीएमसी की राजनीति पर सवाल उठाए।
टीएमसी को तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बताया गया।
विपक्ष में आंतरिक कलह की पहचान की गई।
कांग्रेस को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और टीएमसी की राजनीति तुष्टिकरण, भ्रम और सत्ता के दुरुपयोग पर निर्भर करती है।

कांग्रेस नेता नाना पटोले के बयान पर शहजाद पूनावाला ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार देश की आस्था और महापुरुषों का अपमान करते रहे हैं। कभी राहुल गांधी को 'जन नायक' कहा जाता है, कभी कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया जाता है और कभी यह दावा किया जाता है कि क्रिसमस सोनिया गांधी के कारण मनाया जाता है। अब तो हद यह है कि भगवान श्रीराम को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

पूनावाला ने कहा कि चाटुकारिता की राजनीति में डूबे नाना पटोले ने यह कहकर करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा हमला किया है कि राम मंदिर के अंदर फोटोशूट कराए जाते हैं।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने खुद टीएमसी की असलियत को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी और कांग्रेस वोट चोरी की बात करते हैं, जबकि अधीर रंजन चौधरी ने स्पष्ट किया है कि वास्तव में टीएमसी वोटों में हेरफेर करती है।

शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टीएमसी किस प्रकार से चुनावों में धांधली करती है।

टीएमसी के बारे में आगे बोलते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि आज टीएमसी एक तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बन चुकी है, जहां न मां सुरक्षित है, न जमीन और न ही आम लोग।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में आदिवासी नेता खगेन मुर्मू जैसे लोग भी सुरक्षित नहीं हैं।

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के 'विपक्षी दलों को जमीन पर चुनाव लड़ना चाहिए' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि साल भले ही बदल गया हो, लेकिन 'इंडी गठबंधन' की स्थिति वही है। इस गठबंधन के पास न कोई स्पष्ट मिशन है और न ही कोई विजन, सिर्फ भ्रम और आपसी टकराव है।

शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब अभिषेक बनर्जी खुले तौर पर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं। यह सिर्फ टीएमसी तक सीमित नहीं है, बल्कि केरल में वाम दल भी कांग्रेस पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे विपक्ष की अंदरूनी कलह साफ नजर आती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महाराष्ट्र में अब उद्धव सेना कांग्रेस के साथ चुनाव नहीं लड़ना चाहती। बिहार में जो महागठबंधन था, उसने चुनाव हारने के लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार पाया। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस से किनारा कर लिया है। इंडी गठबंधन के सभी नेता मानते हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस की वजह से उनका नुकसान हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि विपक्ष की आंतरिक कलह उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। कांग्रेस और टीएमसी जैसी पार्टियों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है, ताकि वे अपने मतदाताओं का विश्वास फिर से जीत सकें।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद पूनावाला ने किसके बयानों पर प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दी।
पूनावाला ने कांग्रेस की राजनीति को कैसे वर्णित किया?
उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को तुष्टिकरण, भ्रम और सत्ता के दुरुपयोग पर आधारित बताया।
टीएमसी के बारे में पूनावाला का क्या कहना था?
उन्होंने कहा कि टीएमसी आज एक तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बन चुकी है।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह का क्या संकेत है?
अभिषेक बनर्जी और वाम दलों के सवाल उठाने से विपक्ष की अंदरूनी कलह स्पष्ट होती है।
राष्ट्र प्रेस
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