5 अक्टूबर 2026
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मणिशंकर अय्यर के बयान पर एनडीए का पलटवार: 'सुरक्षा खतरे में हो तो केवल बातचीत कायरता'

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मणिशंकर अय्यर के बयान पर एनडीए का पलटवार: 'सुरक्षा खतरे में हो तो केवल बातचीत कायरता'

सारांश

मणिशंकर अय्यर का एक सवाल — 'सर्जिकल स्ट्राइक का साहस है तो बातचीत का क्यों नहीं?' — एनडीए के लिए पलटवार का मौका बन गया। जेडीयू और भाजपा दोनों ने एकस्वर में कहा: जब देश की सुरक्षा दाँव पर हो, तब केवल वार्ता की राह चुनना देशहित में नहीं।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक का साहस हो तो पाकिस्तान से बातचीत का साहस क्यों नहीं।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने पटना से कहा — 'देश की सुरक्षा खतरे में हो तो केवल बातचीत कायरता है।' भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वल्लुरु जयप्रकाश ने गुंटूर से कहा कि PM मोदी की नीति — पहले आतंकवाद पर प्रहार, फिर कूटनीति — हमेशा से स्पष्ट रही है।
भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने 26/11 मुंबई हमले का हवाला देते हुए कांग्रेस की पुरानी नीति पर सवाल उठाए।
भारत ने पाकिस्तान के भीतर कार्रवाई कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराने और आतंकी ठिकाने ध्वस्त करने का दावा किया गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान से बातचीत संबंधी बयान ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। अय्यर ने कहा था कि यदि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का साहस दिखा सकता है, तो उसी पाकिस्तान के साथ संवाद करने का साहस क्यों नहीं? इस बयान पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 5 अक्टूबर 2026 को एकजुट होकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

जेडीयू प्रवक्ता की तीखी प्रतिक्रिया

बिहार की राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने अय्यर के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अय्यर एक अनुभवी नेता हैं और यह पहला अवसर प्रतीत हो रहा है जब वे अपनी पार्टी के पक्ष में स्पष्ट रूप से खड़े दिख रहे हैं, क्योंकि हाल के महीनों में उनके बयान कांग्रेस के लिए बार-बार असहजता पैदा करते रहे हैं।

राजीव रंजन ने कहा, 'कूटनीति के मोर्चे पर सरकार ने पड़ोसी देशों के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। लेकिन जब देश की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो, तो केवल बातचीत का रास्ता चुनना कायरता होगी।'

पहलगाम हमले का संदर्भ

जेडीयू प्रवक्ता ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि जब ऐसी दिल दहला देने वाली घटनाएँ होती हैं — जिनमें निर्दोष नागरिक जान गँवाते हैं — उस वक्त केवल वार्ता की राह देशहित में नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को गंभीर नुकसान पहुँचाया।

राजीव रंजन ने भारत की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब वार्ता ज़रूरी हो तो वार्ता, लेकिन जब युद्ध की आवश्यकता हो तो वह विकल्प भी खुला है। 'यही नए भारत की नीति है,' उन्होंने कहा।

भाजपा प्रवक्ताओं की आलोचना

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वल्लुरु जयप्रकाश ने कहा कि मणिशंकर अय्यर प्रधानमंत्री मोदी को कूटनीति का पाठ पढ़ाना चाहते हैं, जबकि वे खुद राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति शुरू से स्पष्ट रही है — आतंकवाद पर पहले प्रहार करो और कूटनीति समानांतर रूप से जारी रखो।

जयप्रकाश ने आगे कहा कि यह नया भारत है और बिना शक्ति प्रदर्शन के केवल पाकिस्तान से बातचीत करना देशहित में नहीं। उनके अनुसार, 'कांग्रेस की पुरानी नीतियाँ अब समाप्त हो चुकी हैं और मोदी सरकार के लिए भारत की सुरक्षा सर्वोपरि है।'

वहीं कुरनूल में भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने कहा कि अय्यर के बयान ने कांग्रेस का 'असली चेहरा' उजागर कर दिया है। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले — जिसमें सैकड़ों भारतीयों की जान गई थी — का स्मरण कराते हुए आरोप लगाया कि उस हमले के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पाकिस्तानी नेताओं के साथ क्रिकेट मैच देखने गई थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ऐसा कभी नहीं करेगी।

आम जनता और राजनीतिक असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर सार्वजनिक बहस पहले से गर्म है। गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर आंतरिक राजनीति में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। अय्यर के बयान ने विपक्ष की उस कथित छवि को और गहरा कर दिया है जिसे भाजपा 'राष्ट्र सुरक्षा पर नरम रवैया' कहती है।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से इस प्रतिक्रिया पर अभी कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आने वाले विधानसभा चुनावों में राष्ट्रवाद बनाम कूटनीति के मुद्दे को केंद्र में ला सकती है। एनडीए का यह आक्रामक रुख संकेत देता है कि पाकिस्तान नीति आगे भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दुनिया के अधिकांश कूटनीतिक मॉडल दोनों को साथ चलाते हैं। लेकिन एनडीए ने इसे 'कायरता बनाम साहस' के चौखटे में ढाल दिया, जो कूटनीतिक जटिलता को सरलीकृत करता है। असली सवाल यह है कि पाकिस्तान नीति पर राष्ट्रीय सहमति बनाने की जगह यह बहस चुनावी तर्क में तब्दील हो रही है — और इस प्रक्रिया में जवाबदेही और रणनीतिक स्पष्टता दोनों पीछे छूट जाते हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान को लेकर क्या कहा था?
मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि यदि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का साहस दिखा सकता है, तो पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का साहस क्यों नहीं दिखाया जा सकता। यह बयान एनडीए नेताओं के तीखे पलटवार की वजह बना।
एनडीए नेताओं ने अय्यर के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जब देश की सुरक्षा दाँव पर हो, तब केवल बातचीत का रास्ता चुनना कायरता होगी। भाजपा प्रवक्ता वल्लुरु जयप्रकाश ने कहा कि पीएम मोदी की नीति पहले आतंकवाद पर प्रहार और साथ-साथ कूटनीति जारी रखने की है।
पहलगाम आतंकी हमले का इस विवाद से क्या संबंध है?
जेडीयू प्रवक्ता ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद केवल बातचीत देशहित में नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान के भीतर कार्रवाई कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया और आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए।
भाजपा ने कांग्रेस की किस पुरानी नीति पर सवाल उठाया?
भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने आरोप लगाया कि 26/11 मुंबई हमले के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पाकिस्तानी नेताओं के साथ क्रिकेट मैच देखने गई थीं। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'नरम' विदेश नीति का उदाहरण बताया और कहा कि मौजूदा सरकार ऐसा कभी नहीं करेगी।
इस राजनीतिक विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान नीति पर यह बहस आने वाले विधानसभा चुनावों में राष्ट्रवाद बनाम कूटनीति के मुद्दे को केंद्र में ला सकती है। कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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