क्या मणिशंकर अय्यर केंद्र सरकार को पाठ पढ़ाने वाले हैं?: योगेंद्र चंदोलिया
सारांश
Key Takeaways
- मणिशंकर अय्यर की पाकिस्तान से बातचीत की सलाह पर विवाद उत्पन्न हुआ।
- भाजपा नेताओं ने उनकी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
- योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा पाकिस्तान से बातचीत की सलाह देने पर विवाद उत्पन्न हो गया है। भाजपा के नेता मणिशंकर अय्यर की इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि कांग्रेस के नेताओं के पाकिस्तान के साथ गहरे संबंध रहे हैं।
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, "मणिशंकर अय्यर कौन होते हैं हमें पाठ पढ़ाने वाले? जब उनका शासन था, उस समय कितनी आतंकवादी घटनाएं हुईं। कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि देश में आतंकवादी गतिविधियां चलती रहें। नरेंद्र मोदी के शासन में अगर पाकिस्तान आवाज भी उठाएगा, तो उसका जवाब ठोक कर दिया जाएगा।"
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में योगेंद्र चंदोलिया ने बताया कि भारत में नक्सलवाद समाप्त होने के कगार पर है। आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पाकिस्तान के अंदर जाकर आतंकवाद का भी सफाया किया जाएगा।
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मणिशंकर अय्यर का कांग्रेस में ही कोई अस्तित्व नहीं है। चर्चाओं में बने रहने के लिए वे ऐसे बयान देते हैं, जो देशविरोधी होते हैं।"
इससे पहले, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान और आतंकवादियों के साथ खड़ी रही है। कांग्रेस की पहचान पाकिस्तान का गुणगान करना और भारतीय सेना का अपमान करना है।
शहजाद पूनावाला ने कहा, "गांधी परिवार के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक माने जाने वाले मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोका जाना चाहिए और पाकिस्तान के साथ बिना किसी रुकावट के बातचीत शुरू की जानी चाहिए।"
पूनावाला ने कहा कि आज कांग्रेस 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' नहीं, बल्कि 'इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस' बन चुकी है।