भाजपा लोकतंत्र और बोलने का अधिकार खत्म कर रही है: कांग्रेस नेता उदित राज
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी — जिनमें मुख्य न्यायाधीश की लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी, चुनाव आयोग की प्रक्रिया में कथित खामियाँ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि BJP लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और देश में सांप्रदायिक जहर घोलने का काम कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर एतराज
उदित राज ने मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया था कि 'न्यायपालिका को डराया नहीं जा सकता।' उनके अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय की पहली गलती यह रही कि मुख्य न्यायाधीश ने नेता विपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने से इनकार किया, जबकि मुलाकात के कारण तार्किक थे। उन्होंने कहा, 'मिलने से इनकार एक बात है, लेकिन विपक्ष के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बयान देना शोभा नहीं देता।'
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मित्र की भूमिका निभाई — उन्होंने न्यायपालिका को लोकतंत्र में उभर रही खामियों से अवगत कराया। उदित राज के अनुसार, 'सुप्रीम कोर्ट का काम लोगों के अधिकारों की रक्षा की निगरानी करना है, और राहुल गांधी ने उसी दिशा में काम किया।'
चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर सवाल
उदित राज ने माँग की कि सुप्रीम कोर्ट SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करे। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं, जो एक गंभीर लोकतांत्रिक संकट है।
उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई सिर्फ एक दल की नहीं है — यह देश के हर वर्ग की लड़ाई है। इसको लेकर सभी को आवाज उठानी चाहिए।'
तिरंगा फहराने पर डिटेंशन का विरोध
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के प्रयास और उसके बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर उदित राज ने कहा कि 'तिरंगा फहराना गौरव की बात है — इसे रोकना या इसके लिए किसी को डिटेन करना समझ से परे है।' CJP नेता अभिजीत दिपके को इंडिया गठबंधन की 'टी पार्टी' में बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गठबंधन की लड़ाई BJP से है, क्योंकि वह कथित तौर पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी को खत्म कर रही है।
मीडिया नियंत्रण और महिला उत्पीड़न के मामले
उदित राज ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने मीडिया को नियंत्रित करने का काम किया है ताकि सवाल न पूछे जाएँ। उन्होंने कहा कि इसी कारण देश में वैकल्पिक मीडिया का उदय हुआ है।
उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, उन्नाव केस, कठुआ कांड और हाथरस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तमाम मामलों में सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उनके अनुसार, 'BJP का चाल-चरित्र यही है कि जो भी जुल्म के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके घर पर सीबीआई और ईडी को भेज दिया जाता है।'
आगे क्या होगा
विपक्ष का यह हमला ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की माँग करना इस विवाद को और गहरा कर सकता है।