15 अक्टूबर 2026
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भाजपा लोकतंत्र और बोलने का अधिकार खत्म कर रही है: कांग्रेस नेता उदित राज

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भाजपा लोकतंत्र और बोलने का अधिकार खत्म कर रही है: कांग्रेस नेता उदित राज

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने BJP पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमले का सीधा आरोप लगाया। SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक वोट काटे जाने और मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को नई धार दी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 15 अक्टूबर 2026 को BJP पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खत्म करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की राहुल गांधी पर टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट को 'शोभा न देने वाला' बताया।
SIR प्रक्रिया में कथित तौर पर 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए — उदित राज ने इसे रद्द करने की माँग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से कार्रवाई की सिफारिश माँगी।
तिरंगा फहराने पर डिटेंशन और मीडिया नियंत्रण को लेकर भी सरकार पर तीखे सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता उदित राज ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी — जिनमें मुख्य न्यायाधीश की लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी, चुनाव आयोग की प्रक्रिया में कथित खामियाँ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि BJP लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और देश में सांप्रदायिक जहर घोलने का काम कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर एतराज

उदित राज ने मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया था कि 'न्यायपालिका को डराया नहीं जा सकता।' उनके अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय की पहली गलती यह रही कि मुख्य न्यायाधीश ने नेता विपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने से इनकार किया, जबकि मुलाकात के कारण तार्किक थे। उन्होंने कहा, 'मिलने से इनकार एक बात है, लेकिन विपक्ष के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बयान देना शोभा नहीं देता।'

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मित्र की भूमिका निभाई — उन्होंने न्यायपालिका को लोकतंत्र में उभर रही खामियों से अवगत कराया। उदित राज के अनुसार, 'सुप्रीम कोर्ट का काम लोगों के अधिकारों की रक्षा की निगरानी करना है, और राहुल गांधी ने उसी दिशा में काम किया।'

चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर सवाल

उदित राज ने माँग की कि सुप्रीम कोर्ट SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करे। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं, जो एक गंभीर लोकतांत्रिक संकट है।

उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई सिर्फ एक दल की नहीं है — यह देश के हर वर्ग की लड़ाई है। इसको लेकर सभी को आवाज उठानी चाहिए।'

तिरंगा फहराने पर डिटेंशन का विरोध

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के प्रयास और उसके बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर उदित राज ने कहा कि 'तिरंगा फहराना गौरव की बात है — इसे रोकना या इसके लिए किसी को डिटेन करना समझ से परे है।' CJP नेता अभिजीत दिपके को इंडिया गठबंधन की 'टी पार्टी' में बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गठबंधन की लड़ाई BJP से है, क्योंकि वह कथित तौर पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी को खत्म कर रही है।

मीडिया नियंत्रण और महिला उत्पीड़न के मामले

उदित राज ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने मीडिया को नियंत्रित करने का काम किया है ताकि सवाल न पूछे जाएँ। उन्होंने कहा कि इसी कारण देश में वैकल्पिक मीडिया का उदय हुआ है।

उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, उन्नाव केस, कठुआ कांड और हाथरस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तमाम मामलों में सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उनके अनुसार, 'BJP का चाल-चरित्र यही है कि जो भी जुल्म के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके घर पर सीबीआई और ईडी को भेज दिया जाता है।'

आगे क्या होगा

विपक्ष का यह हमला ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की माँग करना इस विवाद को और गहरा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संवैधानिक संकट की दस्तक है। सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी पर, जो विपक्षी प्रदर्शन के संदर्भ में आई, सवाल उठाना न्यायपालिका की स्वायत्तता की बहस को नई परतें देता है। मुख्यधारा की कवरेज इन आरोपों को अक्सर दलीय बयान तक सीमित कर देती है — जबकि असली परीक्षा यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट इन माँगों पर स्वतंत्र और समयबद्ध सुनवाई करता है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट की किस टिप्पणी पर आपत्ति जताई?
उदित राज ने मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी पर एतराज जताया जिसमें कहा गया कि 'न्यायपालिका को डराया नहीं जा सकता।' उनका कहना है कि सीजेआई ने पहले नेता विपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने से इनकार किया, और फिर उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर टिप्पणी करना उचित नहीं था।
SIR प्रक्रिया क्या है और इसे रद्द करने की माँग क्यों की जा रही है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया है। कांग्रेस नेता उदित राज के अनुसार इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक वोट काट दिए गए हैं, जिसे वे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मानते हैं और सुप्रीम कोर्ट से इसे तत्काल रद्द करने की माँग कर रहे हैं।
उदित राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ क्या माँग की?
उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करे। उनका कहना है कि SIR में हुई कथित अनियमितताओं पर तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।
तिरंगा फहराने वालों को डिटेन किए जाने पर उदित राज का क्या कहना है?
उदित राज ने CJP कार्यकर्ताओं को सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने पर डिटेन किए जाने की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार तिरंगा फहराना गौरव की बात है और इसके लिए किसी को हिरासत में लेना समझ से परे और अस्वीकार्य है।
उदित राज ने BJP पर मीडिया और विपक्ष के संदर्भ में क्या आरोप लगाए?
उदित राज ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने मीडिया को नियंत्रित किया ताकि सवाल न उठें, और जो भी जुल्म के खिलाफ आवाज उठाता है उसके खिलाफ CBI व ED का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने अंकिता भंडारी, उन्नाव, कठुआ और हाथरस जैसे मामलों में सरकार की कथित निष्क्रियता का हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
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