सुप्रीम कोर्ट का SIR पर फैसला: भाजपा बोली — विपक्ष को राष्ट्रहित से ज़्यादा मृत वोटरों की चिंता
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2025 को मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए फैसला सुनाया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष को राष्ट्रहित की नहीं, बल्कि मृत, फर्जी और अवैध वोटों को बचाने की चिंता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग (ECI) के पास लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा, "SIR को लेकर भ्रम पैदा करने की विपक्ष की कोशिश को आज न्यायपालिका से कड़ा जवाब मिला है।"
चुघ ने आगे कहा कि अवैध घुसपैठ और बड़े पैमाने पर पलायन के संदर्भ में मतदाता सूची को शुद्ध करना समय की माँग है। उनके अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) नेतृत्व 'मृत वोटरों', फर्जी मतों और घुसपैठियों के वोटों को लेकर अधिक चिंतित प्रतीत होता है।
रोहन गुप्ता का विपक्ष पर सीधा हमला
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय उन लोगों के लिए करारा जवाब है जो SIR के मुद्दे पर राजनीति कर रहे थे। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वयं बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नाटक की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख किया था। गुप्ता ने तर्क दिया कि जब उन्हीं गड़बड़ियों को दूर करने के लिए SIR लाया गया, तो उसका भी विरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल की जनता से मुँह की खाने के बाद भी विपक्ष अफवाह फैलाने से बाज नहीं आया। गुप्ता के अनुसार, विपक्ष को SIR के नाम पर राजनीति बंद कर आत्मचिंतन करना चाहिए।
जनसांख्यिकीय बदलाव पर गृह मंत्रालय की समिति
गुप्ता ने गृह मंत्रालय द्वारा जनसांख्यिकीय बदलाव की जाँच के लिए उच्च-स्तरीय समिति गठित किए जाने के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे एक संवेदनशील किंतु आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि यदि किसी षड्यंत्र या अन्य कारण से असामान्य जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहा हो, तो सरकार का इस पर ध्यान देना अनिवार्य है। उन्होंने पाकिस्तान में स्वतंत्रता के बाद से हुए जनसंख्या परिवर्तन का उदाहरण देते हुए भारत को सतर्क रहने की अपील की।
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना
गुप्ता ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों के जाने की खबरों ने TMC का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने घुसपैठियों को मतदाता बनाकर बंगाल की जनता के अधिकारों का हनन किया। उनके अनुसार, भाजपा हमेशा से यह कहती रही है कि घुसपैठ एक राष्ट्रीय मुद्दा है, न कि चुनावी।
आगे क्या
सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद SIR प्रक्रिया को कानूनी स्वीकृति मिल गई है। अब यह देखना होगा कि विपक्षी दल इस निर्णय के बाद अपनी रणनीति में क्या बदलाव करते हैं और चुनाव आयोग मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया को किस गति से आगे बढ़ाता है।