कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का आरोप: सीजेपी कार्यकर्ताओं की हिरासत और SIR पर BJP सरकार घेरे में
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वालों को जेल भेजा जा रहा है। यह बयान सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आया है।
सीजेपी प्रवक्ताओं की हिरासत पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
अल्वी ने कहा कि सरकार और BJP के विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना तानाशाही से की और पुलिस कार्रवाई तथा बुलडोजर के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार से जवाब माँगा।
इसी संदर्भ में अल्वी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा झंडा फहराने को अपराध बताए जाने पर उठाए गए सवालों का समर्थन किया और कहा कि विरोध करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
SIR के तहत मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियाँ
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए अल्वी ने दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं — इनमें दिल्ली से 50 लाख और उत्तर प्रदेश से 2 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन सभी लोगों को विदेशी माना जा रहा है और यदि ऐसा है तो उन्हें संबंधित देशों को वापस भेजने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
अल्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ECI) SIR की मौजूदा प्रक्रिया में BJP सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले मतदाता सूची तैयार करने के दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जाती थी, जो अब नहीं हो रहा। गौरतलब है कि SIR को लेकर विभिन्न विपक्षी दलों की ओर से अलग-अलग स्तरों पर आपत्तियाँ दर्ज कराई जा रही हैं।
अमित शाह के बयान पर पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे पर कि कांग्रेस 2029 का लोकसभा चुनाव हारेगी, अल्वी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 'गृह मंत्री न तो भविष्यवक्ता हैं और न ही ज्योतिषी।' BJP के '400 पार' नारे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि पार्टी को पिछले चुनाव में वह सीटें क्यों नहीं मिलीं।
शाह के इस आरोप पर कि विपक्ष घुसपैठियों को बचाना चाहता है, अल्वी ने पूछा कि यदि ये लोग विदेशी हैं तो बांग्लादेश और म्यांमार की सरकारों से उन्हें वापस लेने के लिए बातचीत क्यों नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ का मुद्दा उठाकर — विशेषकर मुसलमानों में — भय का माहौल बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी पर कथित हमले की कोशिश
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले की कोशिश को अल्वी ने 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने BJP शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व पर हमला हो सकता है और ममता बनर्जी को अपनी सुरक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए।
पीयूष गोयल के बयान पर प्रतिक्रिया और आगे का रुख
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा राहुल गांधी को 'रेड फ्लैग' बताए जाने पर अल्वी ने कहा कि यह चेतावनी दरअसल BJP सरकार के लिए है और 'सरकार के जाने का समय नजदीक आ रहा है।' अल्वी के इन बयानों से स्पष्ट है कि विपक्ष मतदाता सूची विवाद, नागरिक अधिकार और संस्थाओं की स्वायत्तता के मुद्दों को आगामी राजनीतिक अभियान का केंद्र बनाने की तैयारी में है।