विवेक ठाकुर का सीजेपी नेताओं पर हमला: 'जमानत शर्तों के साथ, पहले भी हो चुका उल्लंघन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद विवेक ठाकुर ने 22 अक्टूबर 2026 को सीजेपी (CJP) नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत पर तीखी प्रतिक्रिया दी और हाईकोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए दोनों नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। ठाकुर ने इंडिया अलायंस की बैठक और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति पर भी सवाल उठाए।
जमानत पर BJP सांसद की प्रतिक्रिया
आशुतोष रांका और सौरभ दास को जमानत मिलने पर विवेक ठाकुर ने कहा कि दोनों को कुछ शर्तों के साथ जमानत ज़रूर मिली है, लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर न्यायालय की टिप्पणियाँ अध्ययन करने योग्य हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने इन नेताओं के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उनकी भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणियाँ दर्ज कीं।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि ये नेता 'प्रोफेशनल प्रोटेस्टर' की श्रेणी में आ गए हैं और अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने के ठेकेदार की तरह कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन नेताओं ने पहले भी जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है, और अब देखना होगा कि वे इस बार शर्तों का पालन करते हैं या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी नेताओं और सरकार के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
इंडिया अलायंस और राहुल गांधी पर निशाना
इंडिया अलायंस की बैठक के संदर्भ में विवेक ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोट चोरी' यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह यात्रा बिहार चुनाव से पहले निकाली गई थी और उसके परिणाम सभी के सामने हैं।
ठाकुर ने अपने संसदीय क्षेत्र नवादा का हवाला देते हुए दावा किया कि वहाँ चार लोगों को खड़ा किया गया था और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप लगाए गए थे। उनके अनुसार, बाद में पता चला कि उन लोगों पर खड़े होने के लिए दबाव बनाया गया था और किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया था। BJP सांसद ने दावा किया कि विपक्ष की ओर से लगाए गए सभी आरोप झूठे थे।
राहुल गांधी के 'विदेश प्रवास' पर टिप्पणी
विवेक ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारत में रहकर झूठ की राजनीति करते हैं और फिलहाल विदेश चले गए हैं। उन्होंने राहुल गांधी के भारत में रहने की अवधि पर भी टिप्पणी की।
BJP सांसद ने आरोप लगाया कि ऐसे विपक्षी नेता भारत की संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था को नहीं समझते और उनका देश से भावनात्मक जुड़ाव नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे नेता देश को सही दिशा देने और जनचेतना की बात करने में सक्षम नहीं हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत की शर्तों के पालन पर अब सभी की नज़र रहेगी। BJP और विपक्षी खेमे के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रहने की संभावना है। यह देखना होगा कि इंडिया अलायंस इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है।