21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप: CJP नेताओं के विरोध के पीछे कांग्रेस और AAP का हाथ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप: CJP नेताओं के विरोध के पीछे कांग्रेस और AAP का हाथ

सारांश

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास के दिल्ली उच्च न्यायालय मामले को लेकर कांग्रेस और AAP पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ये दोनों पार्टियाँ प्रदर्शनकारियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही हैं और राहुल गांधी से सार्वजनिक स्पष्टीकरण माँगा।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 21 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और AAP पर CJP नेताओं के विरोध-प्रदर्शन के पीछे कथित भूमिका का आरोप लगाया।
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़ा मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
भंडारी ने आरोप लगाया कि दोनों कार्यकर्ताओं ने अदालत में भरे बॉन्ड के बारे में बाहर गलत बयान दिए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर बैरिकेड उल्लंघन के दौरान शांति भंग की आशंका पर सवाल उठाया।
भंडारी ने राहुल गांधी से उनकी विदेश यात्रा के दौरान इस मामले पर देश की जनता को स्पष्टीकरण देने की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े दिल्ली उच्च न्यायालय के मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाए। भंडारी ने दावा किया कि इन दोनों पार्टियों के कथित समर्थन से विरोध-प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने का प्रयास किया गया।

मुख्य आरोप और भाजपा का पक्ष

भंडारी के अनुसार, आशुतोष रांका और सौरव दास केवल इस अभियान के 'चेहरे' हैं, जबकि उनके पीछे कांग्रेस और AAP की कथित भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यकर्ताओं ने अदालत में भरे गए बॉन्ड के संबंध में बाहर आकर गलत बयानबाज़ी की।

भंडारी ने कहा, "अदालत में मीडिया के सामने दिए गए बयानों के बजाय साक्ष्यों का महत्व होता है।" उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करने का प्रयास करते हैं तो सार्वजनिक शांति-व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी

भंडारी के बयान के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में यह सवाल उठाया कि जब प्रदर्शनकारी अन्य मुद्दों पर विरोध करते हुए बैरिकेड पार करने का प्रयास करते हैं, तो सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका क्यों नहीं मानी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने खुद को पीड़ित दर्शाने की कोशिश की, लेकिन अदालत में सामने आए साक्ष्यों ने इस प्रयास को कमज़ोर किया।

राहुल गांधी पर सवाल

भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या वह इस मामले पर देश की जनता को स्पष्टीकरण देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AAP से जुड़े लोगों की गतिविधियों का एक पैटर्न सामने आया है, लेकिन विपक्षी नेतृत्व इस पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहा है।

सरकार और विपक्ष का टकराव

भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रदर्शनकारियों का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने CJP कार्यकर्ताओं से सीधे सवाल किया कि यदि उनकी मंशा शांति भंग करने की थी और बॉन्ड को लेकर उनके बयान असत्य थे, तो क्या वे देश की जनता से माफी माँगेंगे।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और उन पर कानूनी कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव तेज़ हुआ है। कांग्रेस और AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

दिल्ली उच्च न्यायालय में यह मामला विचाराधीन है और आने वाली सुनवाई में इस पर और स्पष्टता आने की संभावना है। CJP नेताओं की भूमिका और उनके बयानों की सत्यता पर अदालत का निर्णय इस पूरे राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार दिल्ली उच्च न्यायालय के मामले को ढाल बनाना एक सोची-समझी चाल है। असली सवाल यह है कि क्या अदालत के अवलोकन उतने स्पष्ट हैं जितना भंडारी दावा कर रहे हैं — या वह न्यायिक भाषा को राजनीतिक आख्यान में बदल रहे हैं? मुख्यधारा की कवरेज इस फ़र्क को अक्सर चूक जाती है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJP नेताओं और दिल्ली उच्च न्यायालय के मामले में विवाद क्या है?
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास एक विरोध-प्रदर्शन से जुड़े दिल्ली उच्च न्यायालय के मामले में शामिल हैं, जिसमें बैरिकेड उल्लंघन और अदालत में भरे बॉन्ड से जुड़े बयानों पर सवाल उठे हैं। BJP ने इसे कांग्रेस और AAP द्वारा कथित रूप से समर्थित अराजकता से जोड़ा है।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और AAP पर क्या आरोप लगाए?
भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP CJP नेताओं को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं और विरोध-प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों कार्यकर्ताओं ने अदालत में भरे बॉन्ड को लेकर बाहर गलत बयान दिए।
भंडारी ने राहुल गांधी से क्यों स्पष्टीकरण माँगा?
भंडारी ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या वह इस मामले पर देश की जनता को जवाब देंगे। उनका तर्क था कि कांग्रेस नेतृत्व तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर उठ रहे सवालों का जवाब देने से बच रहा है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या टिप्पणी की?
BJP प्रवक्ता के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करने का प्रयास करते हैं, तो सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को नकारना उचित नहीं होगा। हालाँकि अदालत की इस टिप्पणी का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
CJP (सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस) क्या है?
सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) एक भारतीय नागरिक समाज संगठन है जो मानवाधिकार और न्याय के मुद्दों पर सक्रिय रहता है। यह संगठन कई बार सरकारी नीतियों के विरोध में प्रदर्शनों और कानूनी लड़ाइयों में भाग लेता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले