शाजिया इल्मी का राहुल गांधी पर हमला: तिरंगे की आड़ में कानून तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शाजिया इल्मी ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच की 'नूरा-कुश्ती' किसी से छिपी नहीं है, और तिरंगे की आड़ में देश के कानून को तोड़ने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाजिया इल्मी के आरोप
इल्मी ने कहा, 'एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस, दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की प्रॉक्सी टीम — दोनों के बीच जितनी नूरा-कुश्ती है, वो सब जानते हैं। लेकिन जब बात प्रदर्शन की आती है तो देखिए कि राहुल गांधी किस तरह से तिरंगे का इस्तेमाल कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि सौरव दास समेत सीजेपी (CJP) के तमाम साथियों के बॉन्ड पर हस्ताक्षर होने के बावजूद दीवारें फाँदकर उस साइट पर पहुँचने और तिरंगे की आड़ में कानून तोड़ने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।
AAP को सीधे संबोधित करते हुए इल्मी ने कहा कि यदि कोई यह सोचता है कि अपनी 'प्रॉक्सी टीम' के ज़रिए देश के कानून को तोड़ा जा सकता है, तो ऐसी किसी भी कोशिश को अनुमति नहीं मिलेगी।
प्रदर्शन की 'शांतिपूर्णता' पर सवाल
इल्मी ने राहुल गांधी द्वारा 'शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन' के दावे को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट और अपने ही मुख्यमंत्रियों के प्रति रवैये को शांतिपूर्ण नहीं कहा जा सकता। उन्होंने प्रियंका गांधी पर भी हाथापाई का आरोप लगाया और कहा कि 'पूरी दुनिया ने देखा है कि किस तरह से मर्यादा को लाँघा गया।'
इल्मी ने यह भी कहा कि जब-जब कानून का अपमान होगा, तब-तब तिरंगे का भी अपमान होगा।
भाजपा नेताओं की अतिरिक्त प्रतिक्रिया
BJP एमएलसी श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने राहुल गांधी के लोकतंत्र-संबंधी बयानों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र की बात वो कर रहे हैं जिनके परिवार ने भारत में आपातकाल लगाया।' भारतीय ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के संवैधानिक संस्थानों के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश के पीछे 'एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश' हो सकती है।
BJP विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी से संयमित व्यवहार की अपेक्षा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पूरा जीवन राष्ट्रीय सुरक्षा में लगाया, उनके बारे में 'अमर्यादित टिप्पणी' की जा रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और AAP के बीच राजनीतिक तनाव एवं प्रतिस्पर्धा के बावजूद दोनों पक्षों की रणनीतिक 'नज़दीकी' पर राजनीतिक विश्लेषक भी सवाल उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर BJP लगातार आक्रामक रुख अपनाती रही है।
आगे क्या
कांग्रेस या AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद के आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है, विशेषकर तब जब विपक्ष अपने विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने का संकेत दे रहा है।