भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'धरना अधिकार है, अराजकता नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026। विपक्षी प्रदर्शनों और पंजाब में ओएसडी गुरभवन से जुड़ी ईडी-सीबीआई जांच के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा प्रहार किया। सिंह ने विपक्षी एकजुटता को 'प्रायोजित प्रतिस्पर्धा' बताते हुए कहा कि प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं बन सकता।
विपक्ष पर सीधा निशाना
आरपी सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी और विपक्ष को प्रदर्शन और धरना देने का अधिकार है, लेकिन धरने की आड़ में अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की यह सक्रियता दरअसल सीजेपी के साथ मुद्दों पर चल रही होड़ का नतीजा है, जिसने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया हुआ है।
सिंह के अनुसार, 'लगता है कि ये अगले दो-तीन दिन और प्रदर्शन करेंगे ताकि यह मुद्दा सीजेपी से छीन लिया जाए।' उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस प्रकरण में भी कांग्रेस को लगा था कि सीजेपी उसका मुद्दा छीन ले गई। गौरतलब है कि सीजेपी, जो मूलतः शिक्षा के मुद्दों पर केंद्रित रही है, अब चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग तक पहुँच गई है।
पंजाब ओएसडी मामला: ईडी से सीबीआई तक का सफर
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब तीन महीने पहले पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर सूचित किया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय में तैनात ओएसडी गुरभवन तबादलों और पोस्टिंग में बेईमानी कर अवैध धनार्जन कर रहा है। ईडी ने साक्ष्यों, दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट के साथ तीन रिमाइंडर भी भेजे।
सिंह ने कहा कि पुलिस ने खुद माना कि ओएसडी ट्रांसफर-पोस्टिंग के एवज में पैसे लेता था और चूँकि तबादले भगवंत मान के स्तर से होते हैं, इसलिए दोनों के बीच साँठगाँठ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पंजाब पुलिस के तीन महीने तक निष्क्रिय रहने के बाद ईडी को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके बाद न्यायालय ने सीबीआई को जांच सौंपने का आदेश दिया। सिंह ने कहा, 'यदि भगवंत मान को कोई शिकायत है तो वह कोर्ट से होनी चाहिए, हमसे नहीं।'
पुलिस के साथ बदसलूकी और अनुमति का सवाल
सिंह ने स्पष्ट किया कि पिछले धरना-प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई 'मारपीट और बदतमीजी' के मद्देनजर भविष्य में प्रदर्शन की अनुमति देने या न देने का फैसला पुलिस करेगी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल राजधानी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की योजना बना रहे हैं।
PM मोदी के 25 वर्ष: 'युगपुरुष' का दर्जा
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें 'युगपुरुष' बताया। सिंह के अनुसार, मोदी ने लगभग 13 वर्ष गुजरात में और 12 वर्ष दिल्ली में शासन करते हुए देश की सेवा की है। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया — एक उपलब्धि जो किसी अन्य प्रधानमंत्री के नाम नहीं है।
आगे क्या
सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन और कांग्रेस व AAP की जवाबी सक्रियता के बीच राजधानी में राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है। पंजाब ओएसडी मामले में सीबीआई जांच आगे बढ़ने के साथ भगवंत मान सरकार पर दबाव और बढ़ने की संभावना है।