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BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का वार: 'धरने की आड़ में अराजकता नहीं', राहुल-AAP पर साधा निशाना

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BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का वार: 'धरने की आड़ में अराजकता नहीं', राहुल-AAP पर साधा निशाना

सारांश

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष के प्रदर्शन को 'प्रायोजित प्रतिस्पर्धा' करार दिया और कहा कि धरने की आड़ में अराजकता नहीं चलेगी। साथ ही पंजाब OSD के खिलाफ ईडी-सीबीआई जांच और PM मोदी के 25 वर्षीय प्रशासनिक सफर पर भी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 7 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी और AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि धरने की आड़ में अराजकता स्वीकार्य नहीं।
उन्होंने विपक्षी प्रदर्शनों को सीजेपी से मुद्दा छीनने की 'प्रायोजित प्रतिस्पर्धा' बताया; 10 अक्टूबर को दिल्ली में सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन का संदर्भ दिया।
पंजाब में OSD गुरभवन के खिलाफ ईडी ने तीन महीने पहले चिट्ठी लिखी थी; पंजाब पुलिस की निष्क्रियता के बाद कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।
PM मोदी के 25 वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल को 'युगपुरुष' जैसा बताया; 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का दावा किया।
पुलिस के साथ हुई कथित बदसलूकी के बाद भविष्य के प्रदर्शनों की अनुमति का फैसला पुलिस पर छोड़ा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को धरना-प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार तो है, लेकिन उसकी आड़ में अराजकता फैलाने का अधिकार किसी को नहीं। साथ ही उन्होंने पंजाब में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई जांच के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए।

विपक्षी प्रदर्शन पर BJP का रुख

आरपी सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी और विपक्ष को प्रदर्शन और धरना देने का अधिकार है, लेकिन धरने की आड़ में अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है।' उन्होंने विपक्षी एकजुटता को 'प्रायोजित प्रतिस्पर्धा' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस और AAP के बीच सीजेपी से आगे निकलने की होड़ चल रही है। उनके अनुसार, सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है, इसलिए विपक्ष अगले दो-तीन दिन और प्रदर्शन करके यह मुद्दा 'छीनने' की कोशिश कर रहा है।

नीट और ज्ञानेश कुमार मामले में दलों की होड़

BJP प्रवक्ता ने नीट पेपर विवाद का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े उस मुद्दे को भी सीजेपी ने 'छीन लिया' था। उन्होंने कहा कि सीजेपी, जो कल तक केवल स्कूलों की बात करती थी, आज ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग भी कर रही है — जो इस बात का संकेत है कि दोनों दलों के बीच मुद्दों को लेकर तीखी प्रतिस्पर्धा है। गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष राजधानी में एकजुट होकर सड़क पर उतरा हुआ है।

पंजाब OSD मामले में ईडी-सीबीआई जांच

आरपी सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय में तैनात OSD गुरभवन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी ने लगभग तीन महीने पहले पंजाब पुलिस को चिट्ठी लिखकर यह जानकारी दी थी कि गुरभवन ट्रांसफर-पोस्टिंग के एवज में धन वसूल रहा है। तीन रिमाइंडर और साक्ष्यों, दस्तावेजों व व्हाट्सएप चैट के बावजूद पंजाब पुलिस ने तीन महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ईडी को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहाँ सीबीआई को जांच का आदेश दिया गया। सिंह ने कहा, 'यदि भगवंत मान को कोई शिकायत है तो वह कोर्ट से होनी चाहिए, हमसे नहीं।'

पीएम मोदी के 25 वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आरपी सिंह ने उन्हें 'युगपुरुष' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मोदी ने लगभग 13 साल गुजरात में और 12 साल दिल्ली में देश की सेवा की है। सिंह के अनुसार, मोदी देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।

प्रदर्शन की अनुमति पर पुलिस का निर्णय

BJP प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पुलिस के साथ बदतमीजी और मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर यह फैसला पुलिस पर निर्भर है कि वह भविष्य के प्रदर्शनों को अनुमति दे या नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना जायज़ है, लेकिन कानून-व्यवस्था की अनदेखी स्वीकार्य नहीं। आने वाले दिनों में विपक्षी प्रदर्शनों और ईडी-सीबीआई जांच के घटनाक्रम पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

AAP और सीजेपी तीनों को 'अवसरवादी प्रतिस्पर्धी' के रूप में चित्रित करता है। पंजाब OSD मामले में ईडी-सीबीआई का हवाला भगवंत मान सरकार को रक्षात्मक स्थिति में लाने का प्रयास है, लेकिन BJP स्वयं दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति पर पुलिस को 'निर्णायक' बताकर राजनीतिक जवाबदेही से बचती दिखती है। मोदी को 'युगपुरुष' बताना पार्टी की उस आंतरिक ज़रूरत को दर्शाता है कि विपक्षी शोर के बीच कोर समर्थकों का मनोबल बनाए रखा जाए। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि सीजेपी को बार-बार संदर्भित करना BJP की उस चिंता को उजागर करता है कि तीसरा मोर्चा राजनीतिक एजेंडा सेटिंग में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष को प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार तो है, लेकिन धरने की आड़ में अराजकता फैलाना स्वीकार्य नहीं। उन्होंने विपक्षी प्रदर्शनों को सीजेपी से मुद्दा छीनने की 'प्रायोजित प्रतिस्पर्धा' बताया।
पंजाब OSD गुरभवन मामले में ईडी-सीबीआई जांच क्यों हो रही है?
BJP के अनुसार, ईडी ने लगभग तीन महीने पहले पंजाब पुलिस को सूचित किया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय के OSD गुरभवन ट्रांसफर-पोस्टिंग के एवज में धन वसूल रहे हैं। पंजाब पुलिस की कथित निष्क्रियता के बाद न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।
विपक्षी प्रदर्शन को अनुमति मिलेगी या नहीं?
आरपी सिंह ने कहा कि यह निर्णय पुलिस का है। उनके अनुसार, पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और बदतमीजी के मद्देनजर पुलिस तय करेगी कि भविष्य में अनुमति दी जाए या नहीं।
PM मोदी के 25 वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल को BJP ने कैसे पेश किया?
BJP प्रवक्ता ने मोदी को 'युगपुरुष' बताया और कहा कि उन्होंने लगभग 13 साल गुजरात में और 12 साल दिल्ली में प्रशासनिक सेवा दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
सीजेपी और विपक्षी दलों में प्रतिस्पर्धा का क्या संदर्भ है?
आरपी सिंह के अनुसार, सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसके चलते कांग्रेस और AAP पहले ही प्रदर्शन कर मुद्दे को 'छीनने' की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नीट पेपर विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी ऐसा हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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