भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह का आरोप: राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च से न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने तथा अदालत की ओर मार्च निकालने पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि विपक्षी नेता न्यायपालिका पर दबाव बनाकर देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
न्यायपालिका पर दबाव का आरोप
आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा कि कोई याचिका दायर करने के लिए दो से तीन हजार कार्यकर्ताओं के साथ अदालत पहुँचे। उनके अनुसार, विपक्षी नेता सर्वोच्च न्यायालय पर दबाव डालकर अपनी मर्जी का निर्णय हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश है और उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगा।
चुनाव आयोग और विपक्ष के दोहरे मानदंड
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं करता, क्योंकि उसे लगता है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव के ज़रिए नहीं हरा सकता। उन्होंने केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विपक्षी दलों की चुनावी जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि जीत के समय चुनाव आयोग (ECI) पर कोई सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि हार के बाद संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जाता है। गौरतलब है कि इससे पहले विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के दौरान सबूत होने का दावा किया था, लेकिन आरपी सिंह के अनुसार अब तक वे साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए।
अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश वोट विवाद
समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर — कि जहाँ उन्हें रोका जाएगा, वहीं जंतर-मंतर बना देंगे — आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख भी विपक्ष के साथ मिलकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से यह स्पष्ट करने की माँग की कि उत्तर प्रदेश में कथित एक लाख वोटों के कटने या जुड़ने के बदलाव सही थे या गलत। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान का समर्थन किया कि विपक्ष जीत पर उपलब्धियाँ गिनाता है और हार पर ईवीएम व चुनाव आयोग पर आरोप लगाता है।
गुरुद्वारा बंगला साहिब में राजनीतिक गतिविधियों पर आपत्ति
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (DSGMC) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए हंगामे और राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर उपराज्यपाल को पत्र सौंपने के मामले पर आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने खुद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर संज्ञान लेने की माँग की है। उनका आरोप है कि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की मनाही के बावजूद धार्मिक परिसर का उपयोग राजनीतिक बैठक के लिए किया गया, और परिसर में नारेबाजी तथा पोस्टर प्रदर्शन से धार्मिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुँची है।
आगे क्या होगा
आरपी सिंह ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर का स्थान निर्धारित किया है और यदि विपक्ष प्रदर्शन करना चाहता है, तो वहीं जाकर करे। उनके अनुसार नई दिल्ली में इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब इंडिया गठबंधन और भाजपा के बीच चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर विवाद तेज होता दिख रहा है। आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की कार्रवाई इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगी।