BJP नेता आरपी सिंह का वार: 'विरोध के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं', CJP-AAP कनेक्शन पर भी सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता आरपी सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्ष पर तीखा हमला बोला और स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार तो है, परंतु आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष को एक साथ घेरा।
भगवंत मान एयरपोर्ट विवाद पर BJP का पलटवार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एयरपोर्ट पर कथित तौर पर रोके जाने के आरोपों पर आरपी सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मान जिस कार्रवाई का जिक्र कर रहे हैं, वह दरअसल कस्टम विभाग द्वारा लगाया गया ₹50,000 का जुर्माना था। सिंह ने मान को चुनौती देते हुए कहा कि वह उस जुर्माने की रसीद सार्वजनिक करें और यह सवाल भी उठाया कि 'कहीं वह शराब की बोतल लेकर तो नहीं आ रहे थे।'
CJP-AAP कनेक्शन पर सीधा हमला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं से जुड़ी दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि कोई भी संगठन आंदोलन के नाम पर कानून-व्यवस्था को चुनौती नहीं दे सकता। उनके अनुसार, CJP का संबंध आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ा दिखाई देता है और यह संगठन AAP के छात्र विंग की तरह काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि CJP से जुड़े लोग अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करते हैं। सिंह ने यह भी कहा कि यदि किसी आंदोलन के दौरान बैरिकेड तोड़े जाते हैं, पत्थरबाजी होती है या हिंसा फैलती है, तो उसकी जिम्मेदारी आंदोलन आयोजित करने वालों पर भी बनती है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और आतंकवाद की आशंका
सिंह ने पिछले आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि अमृतसर पुलिस ने एक आंदोलन के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर प्रदर्शन की आड़ में आतंकवाद फैलाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और सुरक्षा एजेंसियाँ संदिग्ध तत्वों की मौजूदगी पर पहले भी कार्रवाई कर चुकी हैं।
BJP नेता ने आगाह किया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें भारत की प्रगति से असहज हैं और देश को अस्थिर करने की कोशिश करती रहती हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है, वह कुछ वैश्विक ताकतों को स्वीकार नहीं है।
परिसीमन पर कांग्रेस को घेरा
परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की मंशा नहीं है कि महिलाओं को अधिक सीटें मिलें। उनके अनुसार, कांग्रेस महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है और इसीलिए वह संबंधित प्रक्रियाओं का विरोध करती रही है।
विपक्ष से जिम्मेदार रवैये की अपील
आरपी सिंह ने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर का विरोध करते थे, वे अब उस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं — यह विपक्ष की दोहरी नीति को उजागर करता है। उन्होंने विपक्ष से देशहित के मुद्दों पर जिम्मेदार रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में विपक्षी दलों के नेतृत्व में प्रदर्शनों की संख्या बढ़ी है और न्यायालयों में उनसे जुड़े मामले विचाराधीन हैं।