फर्जी वीडियो विवाद: 'आप' का पंजाबभर में विरोध-प्रदर्शन, SAD-BJP-कांग्रेस पर CM मान को बदनाम करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 20 जून 2026 को पंजाब के कोने-कोने में एकजुट होकर शिरोमणि अकाली दल (SAD), उसके अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के विरुद्ध व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और फर्जी वीडियो प्रसारित कर मुख्यमंत्री भगवंत मान की छवि धूमिल करने की सुनियोजित मुहिम चलाई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
AAP के मंत्रियों, विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फरीदकोट, बरनाला, मनसा, कपूरथला, मोगा और बादल गाँव सहित पूरे राज्य में सड़कों पर उतरकर विपक्षी दलों पर धर्म का दुरुपयोग करने, झूठा प्रचार फैलाने और राज्य की प्रगति को अवरुद्ध करने के लिए राजनीतिक साजिशें रचने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने उन ताकतों को 'पंजाब-विरोधी' और 'पंथ-विरोधी' करार देते हुए जोरदार नारे लगाए।
सरकार की प्रतिक्रिया
मोहाली में आयोजित एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि AAP ने SAD की 'पंथ-विरोधी और पंजाब-विरोधी गतिविधियों' तथा राज्य में शांति व सद्भाव बिगाड़ने की उनकी बार-बार की कोशिशों के खिलाफ यह सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए। चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग इन साजिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं और वे ऐसी ताकतों को सफल नहीं होने देंगे।
विकास के दावे और विपक्ष पर निशाना
चीमा ने सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए दावा किया कि CM मान के नेतृत्व में पंजाब के युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से लगभग 44,000 सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्यभर के गाँवों में खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं, लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और मरम्मत जारी है, सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षा दी जा रही है, और हर घर को प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
चीमा ने आरोप लगाया कि विकास के इन कार्यों से विपक्षी पार्टियाँ 'घबरा गई हैं' और SAD ने मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर एक 'मनगढ़ंत और नकली वीडियो' फैलाने की कोशिश की है। उन्होंने इसे उन राजनीतिक ताकतों की 'हताशा' बताया जिन्होंने जनसमर्थन खो दिया है।
विपक्ष का पक्ष
गौरतलब है कि SAD, BJP और कांग्रेस की ओर से इस विरोध-प्रदर्शन और AAP के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। वीडियो की प्रामाणिकता और उसके स्रोत को लेकर स्वतंत्र सत्यापन अभी तक नहीं हो सका है।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और राजनीतिक दलों के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। AAP ने संकेत दिया है कि यदि विपक्ष ने 'फर्जी सामग्री' फैलाना बंद नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।