भगवंत मान वीडियो विवाद: राघव चड्ढा की माँग — तुरंत इस्तीफा दें CM, बेअदबी कानून में FIR हो
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 25 जून 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो प्रकरण पर तीखा हमला बोला और माँग की कि मान को मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। चड्ढा ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ नए बेअदबी कानून के तहत पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जानी चाहिए।
चड्ढा का आरोप: फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) और भगवंत मान ने इस कथित वीडियो को छुपाने के लिए एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि वीडियो असली नहीं होता, तो ऐसी रिपोर्ट बनवाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उनके अनुसार, इस कदम ने उन लोगों की शंकाएँ भी दूर कर दी हैं जो वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर संशय में थे।
सिख संगत और अकाल तख्त का सवाल
चड्ढा ने कहा कि AAP ने श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ अभद्र टिप्पणियाँ कीं और सोशल मीडिया पर पेड ट्रोल लगाए गए। उन्होंने AAP के सिख नेताओं से सीधा सवाल किया — क्या वे गुरु साहिब के प्रति समर्पित हैं, क्या वे सिख पंथ के साथ हैं, और क्या वे श्री अकाल तख्त साहिब को मानते हैं? उन्होंने कहा कि पूरी सिख संगत आज गुस्से में है और नेताओं को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
जाँच की माँग: मनी लॉन्ड्रिंग तक के सवाल
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने यह भी माँग की कि इस कथित फर्जी वीडियो को किस तरह तैयार किया गया, इसमें कौन-से लोग शामिल थे, और किन सरकारी या निजी संसाधनों का उपयोग हुआ — इन सभी पहलुओं की गहन जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग या रिश्वत के धन का भी इस्तेमाल हुआ है।
सिख संगत की दो प्रमुख माँगें
चड्ढा के अनुसार, इस विवाद में सिख संगत मुख्य रूप से दो माँगें रख रही है। पहली — भगवंत मान को तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। दूसरी — नए बेअदबी कानून के तहत उनके खिलाफ पहली FIR दर्ज होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि भगवंत मान और AAP की ओर से इस प्रकरण पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस विवाद के राजनीतिक असर को देखते हुए आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।