भगवंत मान का विपक्ष पर आरोप: 'फर्जी वीडियो से धार्मिक बदनामी की साजिश'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 25 जून 2026 को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुरु साहिबानों की बेअदबी से जुड़े कथित वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी करार दिया और विपक्षी दलों पर उन्हें धार्मिक रूप से बदनाम करने की सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया। मान ने स्पष्ट कहा कि उस वीडियो में वे थे ही नहीं और किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जाँच कराई जा सकती है।
मुख्यमंत्री के आरोप और सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगवंत मान ने कहा, 'राजनीतिक तौर पर वे (विपक्षी दल) मुकाबला नहीं कर सकते, क्योंकि वे जमीनी स्तर पर शून्य हो चुके हैं। इस कारण वे हर रोज कोई न कोई आदेश जारी कराते हैं, ताकि मुझे धार्मिक तौर पर बदनाम किया जा सके।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष चाहता है कि फर्जी वीडियो के ज़रिए लोग उनसे नफरत करने लगें, 'मगर यह संभव नहीं है।'
धार्मिक कार्यों का हवाला
मान ने अपनी सरकार के धार्मिक कदमों की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने कहा, 'पंजाब के लोगों के लिए जिस तरह सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक तौर पर इस सरकार ने काम किए हैं, वो पिछली किसी भी सरकार ने नहीं किए।' उन्होंने बेअदबी-विरोधी कानून, धार्मिक ग्रंथों के वाहनों पर टैक्स माफी, श्री आनंदपुर साहब में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र और तीन पवित्र शहरों को विशेष दर्जा देने का उल्लेख किया।
SGPC के बहिष्कार बोर्ड पर पलटवार
अपने खिलाफ सामाजिक बहिष्कार के बोर्ड लगाए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के आदेश को सर्वोच्च मानते हुए सवाल उठाया कि ऐसे बोर्ड शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए थे। उन्होंने कहा, 'जो लोग 2 दिसंबर को सुखबीर बादल के सामने 'हां जी - हां जी' करते थे, उनके बोर्ड क्यों नहीं लगे थे।'
श्री अकाल तख्त के प्रति श्रद्धा
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि वे श्री अकाल तख्त के प्रति पूर्ण श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी अकाल तख्त के सामने इस विवाद को लेकर पेश हो चुके हैं और भविष्य में बुलाए जाने पर भी पेश होने से नहीं हिचकेंगे। उनके शब्दों में, 'श्री अकाल तख्त को मैं चुनौती नहीं दे सकता और न ही मेरी कोई हैसियत है।'
कनाडा कनेक्शन का दावा
मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक अतिरिक्त वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति ने उनके जैसा मास्क खरीदकर वह विवादित दृश्य शूट किया था। मान के अनुसार वह व्यक्ति इस समय कनाडा में है, जबकि वे स्वयं 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। यह दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में बेअदबी के मुद्दे पर राजनीतिक तापमान पहले से ऊँचा है और आगामी चुनावों से पहले धार्मिक भावनाएँ एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं।