26 जून 2026
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भगवंत मान पर बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज हो, गिरफ्तारी हो: BJP सांसद तरुण चुघ की मांग

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भगवंत मान पर बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज हो, गिरफ्तारी हो: BJP सांसद तरुण चुघ की मांग

सारांश

श्री अकाल तख्त साहिब की दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच में वायरल वीडियो असली पाए जाने के बाद BJP सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के राज्यपाल और DGP को पत्र लिखकर CM भगवंत मान के खिलाफ बेअदबी कानून के तहत FIR, गिरफ्तारी और पद से बर्खास्तगी की मांग की है।

मुख्य बातें

BJP सांसद तरुण चुघ ने 26 जून 2026 को पंजाब के CM भगवंत मान के खिलाफ बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं से कराई गई जांच में वायरल वीडियो को न AI-निर्मित और न ही छेड़छाड़-युक्त पाया गया।
अकाल तख्त ने भगवंत मान को 'गुरुदोषी' और 'पंथ विरोधी' घोषित करते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की मांग की है।
चुघ ने पंजाब राज्यपाल और DGP को पत्र लिखकर मान की गिरफ्तारी और पद से हटाने की माँग रखी।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी विदेशी टूलकिट के जरिए भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 26 जून 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। चुघ ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल वीडियो न तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित है और न ही उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है।

अकाल तख्त की जांच और निष्कर्ष

तरुण चुघ के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब ने वीडियो में गुरुओं के प्रति कथित अभद्रता और बेअदबी को अत्यंत गंभीर मानते हुए भगवंत मान को 'गुरुदोषी' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया है तथा उनके सामाजिक बहिष्कार की मांग की है। भाजपा सांसद ने कहा कि इस स्थिति में मुख्यमंत्री को अपने कथित कृत्यों के लिए एक पल भी पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

गौरतलब है कि अकाल तख्त सिख धर्म की सर्वोच्च अस्थायी सत्ता है और उसके निर्देशों को सिख समुदाय में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस संस्था का यह निष्कर्ष राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री के बदलते बयानों पर सवाल

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि भगवंत मान लगातार अपने बचाव में अलग-अलग दावे पेश कर रहे हैं। चुघ ने कहा, 'पहले उन्होंने कहा कि वीडियो AI से तैयार किया गया है, फिर कहा कि उसमें मास्क का इस्तेमाल हुआ है। अब वे नए-नए बहाने बना रहे हैं। इससे साफ है कि वह सच छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने स्वयं को बचाने के लिए एक कथित झूठी और फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई। चुघ के अनुसार यह पूरा मामला अब 'महापाप' का रूप ले चुका है।

राज्यपाल और डीजीपी को पत्र

तरुण चुघ ने बताया कि उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं — मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए। यह पत्र 26 जून 2026 को भेजा गया बताया जा रहा है।

राहुल गांधी पर भी निशाना

इस प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार झूठे बयान देकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। चुघ ने कहा, 'राहुल गांधी एक 'हैबिचुअल ऑफेंडर' की तरह व्यवहार करते हैं — पहले झूठ फैलाते हैं, भ्रम पैदा करते हैं और फिर बाद में सफाई देते हैं।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी कथित तौर पर विदेशी एजेंसियों और विदेशी टूलकिट के माध्यम से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

अब सबकी नजरें पंजाब पुलिस और राज्यपाल कार्यालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज होता है, तो यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के लिए यह मामला धार्मिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ाने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह समुदाय की आस्था से सीधे जुड़ा है। भगवंत मान के बदलते बयान — पहले AI, फिर मास्क — उनकी स्थिति को और कमजोर करते हैं। असली सवाल यह है कि क्या पंजाब पुलिस, जो AAP सरकार के अधीन है, राज्यपाल या न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से इस मामले में कार्रवाई करेगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान पर बेअदबी का आरोप क्यों लग रहा है?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक कथित वायरल वीडियो में गुरुओं के प्रति अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं से कराई गई जांच में वीडियो को असली पाया गया है, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया है।
अकाल तख्त ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया है?
श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 'गुरुदोषी' और 'पंथ विरोधी' घोषित करते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की मांग की है। अकाल तख्त सिख धर्म की सर्वोच्च अस्थायी सत्ता है और इसके निर्णयों को सिख समुदाय में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
BJP सांसद तरुण चुघ ने किससे और क्या मांग की है?
BJP सांसद तरुण चुघ ने 26 जून 2026 को पंजाब के राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर तीन मांगें रखीं — CM भगवंत मान के खिलाफ बेअदबी कानून के तहत FIR दर्ज हो, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए।
भगवंत मान ने वायरल वीडियो पर क्या सफाई दी है?
भाजपा सांसद के अनुसार, भगवंत मान ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग सफाई दी — पहले वीडियो को AI-निर्मित बताया, फिर मास्क के इस्तेमाल का दावा किया। चुघ ने इन बदलते बयानों को सच छिपाने की कोशिश करार दिया है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अब पंजाब के राज्यपाल कार्यालय और पुलिस की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। यदि बेअदबी कानून के तहत मुकदमा दर्ज होता है, तो यह AAP सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक और कानूनी संकट बन सकता है। न्यायालय का हस्तक्षेप भी संभावित है।
राष्ट्र प्रेस
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