10 अगस्त 2026
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जेपीएससी छात्र आंदोलन: संजय सेठ ने झारखंड सरकार को घेरा, खियांग्ते की गिरफ्तारी को बताया 'आईवॉश', सीबीआई जांच की मांग

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जेपीएससी छात्र आंदोलन: संजय सेठ ने झारखंड सरकार को घेरा, खियांग्ते की गिरफ्तारी को बताया 'आईवॉश', सीबीआई जांच की मांग

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन पर रांची सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार को सीधे घेरा — पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते की गिरफ्तारी को 'आईवॉश' बताया और सीबीआई जांच की मांग की। लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल अब राजनीतिक अखाड़े में है।

मुख्य बातें

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 10 अगस्त को झारखंड सरकार पर जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन को लेकर निशाना साधा।
छात्रों पर वाटर कैनन , आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल को सेठ ने सरकार की नाकामी बताया।
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल.
खियांग्ते की गिरफ्तारी को उन्होंने 'आईवॉश' करार दिया।
सीआईडी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए सेठ ने पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की।
सेठ के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड में जारी जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से प्रदर्शनकारी छात्रों पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। साथ ही जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को उन्होंने महज 'आईवॉश' करार देते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की।

छात्रों पर बल प्रयोग का विरोध

सेठ ने आरोप लगाया कि झारखंड के युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग की, लेकिन उन्हें लाठियों से जवाब मिला। उनके अनुसार, आंदोलित छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई राज्य सरकार की नाकामी का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन हक की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता।'

सेठ ने यह भी सवाल उठाया कि यदि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, तो वाटर कैनन और लाठीचार्ज की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि बारिश में धरने पर बैठे छात्रों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखकर फिर बल प्रयोग करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

खियांग्ते की गिरफ्तारी पर सवाल

जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सेठ ने कहा कि वे पहले से ही सीआईडी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, सीआईडी जांच के नाम पर केवल 'आईवॉश' किया जा रहा है और खियांग्ते की गिरफ्तारी से मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से जुड़े अनेक मामलों में सीआईडी जांच के परिणाम जनता पहले भी देख चुकी है।

सीबीआई जांच की मांग

सेठ ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है, तो इस पूरे प्रकरण को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है और ऐसे में न्याय की मांग को बल से नहीं, बल्कि बातचीत और निष्पक्ष जांच से संबोधित किया जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

यह आंदोलन झारखंड में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठे व्यापक असंतोष का प्रतिबिंब है। गौरतलब है कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप लंबे समय से चले आ रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग अब राजनीतिक रूप ले चुकी है और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सीबीआई जांच की मांग युवाओं की पीड़ा से उपजी है या राजनीतिक बढ़त के लिए की जा रही है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता का मुद्दा झारखंड तक सीमित नहीं — यह देशभर में सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठता सवाल है। जब तक जांच का ढांचा पारदर्शी और स्वतंत्र नहीं होगा, छात्रों का आक्रोश और राजनीतिक दोषारोपण का यह चक्र थमने वाला नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन क्या है?
झारखंड में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरे हैं। छात्र पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
संजय सेठ ने सीबीआई जांच की मांग क्यों की?
सांसद संजय सेठ का कहना है कि राज्य सरकार की सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता और खियांग्ते की गिरफ्तारी महज 'आईवॉश' है। उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।
एल. खियांग्ते कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
एल. खियांग्ते जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष हैं, जिन्हें भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। संजय सेठ ने इस गिरफ्तारी को असली सच्चाई सामने लाने के लिए अपर्याप्त बताया है।
छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई क्यों हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। संजय सेठ ने सवाल उठाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर इस तरह के बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी।
इस आंदोलन का असर किन पर पड़ रहा है?
सांसद सेठ के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। जो छात्र सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे हैं, उनकी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता दांव पर है।
राष्ट्र प्रेस
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