कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: BJP विधायक संजय उपाध्याय ने PM मोदी के खिलाड़ियों से संवाद को सराहा, राहुल गांधी पर किया पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 10 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेता खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत की जमकर तारीफ की। साथ ही उन्होंने नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
खेल संस्कृति पर BJP का रुख
उपाध्याय ने कहा, 'जब से पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, भारत में खेलों के कल्चर में बदलाव आया है। प्रधानमंत्री खुद खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और बड़े मुकाबलों से पहले उन्हें मोटिवेट करते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मोदी केवल विजेता खिलाड़ियों से ही नहीं, बल्कि पराजित प्रतिभागियों से भी मिलकर उन्हें आगे के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
नीट पेपर लीक और सरकार की प्रतिक्रिया
नीट पेपर लीक विवाद पर बोलते हुए उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार ने संजीदगी से कदम उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया, 'ताकि देश में कोई सवाल न उठा सके।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पेपर लीक और नकल रोकने के लिए एक कड़ा कानून लागू किया है, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर दंड का प्रावधान है।
उपाध्याय ने कहा, 'पेपर लीक के आरोपियों को परीक्षा से पहले ही पकड़ा जा सकता है। मेरा विश्वास है कि इन सख्त प्रावधानों की वजह से आने वाले समय में नकल या पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगेगी।'
राहुल गांधी पर पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को उपाध्याय ने 'बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तौर पर यह गांधी की भूमिका है, लेकिन 'सिर्फ विरोध करने से वे प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि गांधी पिछले 12 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं और सत्ता में वापसी के लिए उन्हें जनता का भरोसा अर्जित करना होगा।
आम जनता और छात्रों पर असर
उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द कड़ी सजा मिलेगी, जिससे जनता में यह संदेश जाएगा कि इस तरह की गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता बनी हुई है।
आगे क्या होगा
सरकार की ओर से पेपर लीक मामले में फास्ट-ट्रैक सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। BJP का कहना है कि नया कानून भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा। विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार की जवाबदेही और शैक्षणिक सुधार की दिशा आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।