10 अगस्त 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: BJP विधायक संजय उपाध्याय ने PM मोदी के खिलाड़ियों से संवाद को सराहा, राहुल गांधी पर किया पलटवार

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: BJP विधायक संजय उपाध्याय ने PM मोदी के खिलाड़ियों से संवाद को सराहा, राहुल गांधी पर किया पलटवार

सारांश

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 विजेताओं से PM मोदी के संवाद को भारतीय खेल संस्कृति में बदलाव का प्रतीक बताया। साथ ही नीट पेपर लीक पर सरकार के कड़े कानून का बचाव किया और राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।

मुख्य बातें

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने 10 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 विजेताओं से PM मोदी की बातचीत की सराहना की।
उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया।
सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़ा कानून लागू किया है — फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर दंड का प्रावधान।
राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को उपाध्याय ने 'बेबुनियाद' बताया।
उपाध्याय के अनुसार, गांधी 12 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं और जनता का भरोसा जीतना उनकी असली चुनौती है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 10 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेता खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत की जमकर तारीफ की। साथ ही उन्होंने नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

खेल संस्कृति पर BJP का रुख

उपाध्याय ने कहा, 'जब से पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, भारत में खेलों के कल्चर में बदलाव आया है। प्रधानमंत्री खुद खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और बड़े मुकाबलों से पहले उन्हें मोटिवेट करते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मोदी केवल विजेता खिलाड़ियों से ही नहीं, बल्कि पराजित प्रतिभागियों से भी मिलकर उन्हें आगे के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

नीट पेपर लीक और सरकार की प्रतिक्रिया

नीट पेपर लीक विवाद पर बोलते हुए उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार ने संजीदगी से कदम उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया, 'ताकि देश में कोई सवाल न उठा सके।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पेपर लीक और नकल रोकने के लिए एक कड़ा कानून लागू किया है, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर दंड का प्रावधान है।

उपाध्याय ने कहा, 'पेपर लीक के आरोपियों को परीक्षा से पहले ही पकड़ा जा सकता है। मेरा विश्वास है कि इन सख्त प्रावधानों की वजह से आने वाले समय में नकल या पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगेगी।'

राहुल गांधी पर पलटवार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को उपाध्याय ने 'बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तौर पर यह गांधी की भूमिका है, लेकिन 'सिर्फ विरोध करने से वे प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि गांधी पिछले 12 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं और सत्ता में वापसी के लिए उन्हें जनता का भरोसा अर्जित करना होगा।

आम जनता और छात्रों पर असर

उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द कड़ी सजा मिलेगी, जिससे जनता में यह संदेश जाएगा कि इस तरह की गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता बनी हुई है।

आगे क्या होगा

सरकार की ओर से पेपर लीक मामले में फास्ट-ट्रैक सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। BJP का कहना है कि नया कानून भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा। विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार की जवाबदेही और शैक्षणिक सुधार की दिशा आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या महज राजनीतिक क्षति-नियंत्रण? कड़े कानून की घोषणा स्वागतयोग्य है, परंतु फास्ट-ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या और सजा की दर बताएगी कि यह कानून दाँत वाला है या नहीं। राहुल गांधी पर '12 साल से सत्ता से बाहर' वाला तर्क राजनीतिक है, शासन-संबंधी नहीं — और यह उस मूल प्रश्न को नहीं टालता कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में चूक कहाँ हुई।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने PM मोदी की तारीफ क्यों की?
उपाध्याय ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेता खिलाड़ियों से PM मोदी की व्यक्तिगत बातचीत को भारत में खेल संस्कृति के बदलाव का प्रतीक बताया। उनके अनुसार मोदी विजेताओं के साथ-साथ पराजित खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित करते हैं।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने पेपर लीक और नकल रोकने के लिए एक कड़ा कानून लागू किया है, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर दंड का प्रावधान है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया।
उपाध्याय ने राहुल गांधी के बयान पर क्या कहा?
उपाध्याय ने गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के आरोपों को 'बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका में विरोध स्वाभाविक है, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के लिए जनता का भरोसा जीतना होगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने नीट विवाद में इस्तीफा क्यों दिया?
उपाध्याय के अनुसार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी के तहत इस्तीफा दिया, हालाँकि उपाध्याय का कहना है कि उनकी व्यक्तिगत कोई गलती नहीं थी। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि सरकार पर कोई सवाल न उठे।
पेपर लीक विरोधी नए कानून में क्या प्रावधान हैं?
नए कानून के तहत पेपर लीक के आरोपियों को परीक्षा से पहले ही गिरफ्तार किया जा सकता है। फास्ट-ट्रैक अदालत में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा का प्रावधान है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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