नीट पेपर लीक: 'वीडियो संदेश से नहीं लौटेगा भरोसा', कांग्रेस ने PM से धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस ने 24 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि केवल पोस्ट या अपील से छात्रों का खोया हुआ भरोसा नहीं लौटाया जा सकता। उन्होंने सीधे शब्दों में माँग की कि प्रधानमंत्री शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाएँ।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेते या उन्हें मंत्रिपद से हटाते, तो इससे सरकार की नीयत पर लोगों का विश्वास बहाल होता। उनके अनुसार, केवल सोशल मीडिया पर संदेश देने से न छात्रों की पीड़ा कम होगी, न व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
भगत ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से संसद के भीतर और बाहर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते रहे हैं, परंतु सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अब सबसे ज़रूरी है — छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना, दोषियों को दंड दिलाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
रांची से भी उठी इस्तीफे की माँग
रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी धर्मेंद्र प्रधान पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने का दबाव बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे नीट लीक मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और जवाबदेही तय किए बिना केवल कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है। राकेश सिन्हा ने कहा कि दिल्ली सहित कई राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त
इसी बीच, कांग्रेस नेताओं ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर राहत व्यक्त की। राकेश सिन्हा ने कहा कि कई लोगों ने वांगचुक से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आग्रह किया था, क्योंकि देश के लिए उनका जीवन महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कांग्रेस का रुख और माँगें
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह नीट मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग पर अडिग है। पार्टी के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि देश में शांति का माहौल कायम रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक प्रकरण राष्ट्रीय स्तर पर बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है और विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।