NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का वार: 'सरकार वीक है तभी पेपर लीक है', PM के वीडियो संदेश को बताया खोखला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसदों ने 25 जुलाई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार शब्दों से काम चला रही है, ज़मीनी कार्रवाई से नहीं। NEET पेपर लीक विवाद को केंद्र में रखते हुए कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई और कहा कि 'इस समय रील नहीं, रियल चाहिए।'
प्रमोद तिवारी का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'रात में नींद नहीं आती है। उन्हें अंदर से हालात पता हैं, तो वीडियो बनाने लग जाते हैं। पहले वीडियो में फोटो अच्छी नहीं आई थी। दूसरी वीडियो में सुधारा है। हालांकि, इस समय रील नहीं, रियल चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'मेट्रो बंद कर दो। छात्रों पर पैलेट गन चलाओ, उन्हें घायल करो और उनकी आंखें छीन लो। दुकानें बंद करो, सड़कें जाम करो, इंटरनेट बंद करो और जोमैटो जैसी सेवाओं को लोगों तक पहुंचने से रोको। लेकिन वे पेपर लीक नहीं रोकेंगे। यह कैसी जिद्दी और अहंकारी सरकार है? यह समझना मुश्किल है।'
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग
तिवारी ने नैतिक जवाबदेही का सवाल उठाते हुए कहा, 'सब जानते हैं कि एक मुख्य मुद्दा है, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। क्या सिर्फ एक व्यक्ति की वजह से कश्मीर से कन्याकुमारी तक के युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया जा सकता है? यह लाल बहादुर शास्त्री का देश है, ऐसे नेताओं का देश है जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था।'
सुखदेव भगत बोले — शब्दों के बाजीगर
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 'मेरा मानना है कि वे (प्रधानमंत्री) ट्वीट करेंगे और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करेंगे, लेकिन कार्रवाई नहीं करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है कि वह शब्दों के बाजीगर हैं।'
भगत ने आगे कहा कि यदि सरकार युवाओं के प्रति वास्तव में गंभीर है, तो सबसे पहले संवेदनशीलता दिखाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाया जाए। उन्होंने कहा, 'लेकिन सरकार ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकती, क्योंकि सर्कस की तरह कुछ न कुछ कार्यक्रम ही होंगे।'
राहुल गांधी के दो साल के प्रयासों का हवाला
कांग्रेस सांसद भगत ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी तकरीबन दो वर्षों से इन मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह उठाते आ रहे हैं। उनका कहना था कि इतने लंबे समय बाद भी यदि सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल खड़ा करता है — और इसी को उन्होंने 'सरकार वीक है तभी पेपर लीक है' नारे में पिरोया।
आगे क्या होगा
NEET पेपर लीक मामले में विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा केंद्रीय रहने की संभावना है। सरकार की ओर से अभी तक शिक्षा मंत्री को हटाने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।