NEET पेपर लीक: टीका राम जूली की माँग — धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, केंद्र पर जवाबदेही का सवाल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने 24 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, विरोध जारी रहेगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और इंटरनेट बंद पर प्रतिक्रिया
जूली ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा इंटरनेट बंद किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, हम अपनी माँग जारी रखेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि जब भी भाजपा किसी संकट में होती है, पाकिस्तानी अकाउंट या एजेंटों के आरोप उठाए जाते हैं, लेकिन बाद में वे गायब हो जाते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तानी अकाउंट सक्रिय थे, तो देश की इंटेलिजेंस एजेंसियाँ क्या कर रही थीं। जूली के अनुसार, एक मामले में एक छात्र की ओएमआर शीट पर नंबर बदल दिए गए और जब उस छात्र ने आंसर शीट को अपनी बताने से इनकार किया, तो उस पर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगा दिया गया।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन का रुख
कांग्रेस नेता ने बताया कि NEET पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से कांग्रेस जिला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा इंडी गठबंधन लोकसभा में इस मुद्दे पर एकजुट रहा है और आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी गई है। जूली के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा है कि वे छात्रों की आवाज बनेंगे और उनके अधिकारों के लिए हर परिस्थिति में लड़ेंगे।
शिक्षा सचिव पर सवाल
जूली ने नए शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब गंगवार कृषि विभाग में थे, तब उन पर अपने परिवार को सब्सिडी दिलाने और स्वयं भी उसका लाभ उठाने के आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि जब ऐसे आरोपों वाले अधिकारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जाती है, तो यह कैसे माना जाए कि सरकार उच्च शिक्षा में पारदर्शिता के प्रति गंभीर है।
जूली ने आगे कहा कि उच्च शिक्षा सचिव को दंडित करने के बजाय केवल दूसरे विभाग में स्थानांतरित किया गया, जबकि कार्रवाई सिर्फ छात्रों के खिलाफ हुई — उन्हें लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और छात्राओं के साथ कथित तौर पर बुरा बर्ताव किया गया।
सोनम वांगचुक के अनशन का संदर्भ
कांग्रेस नेता ने सोनम वांगचुक के लगभग एक महीने की भूख हड़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के साथ बातचीत के बाद उनका अनशन समाप्त होना सकारात्मक कदम है, लेकिन सरकारी आश्वासनों पर भरोसा करना कठिन है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 दिनों तक कोई उनसे मिलने नहीं गया और जिस तरह से उन्हें वहाँ से ले जाया गया, वह दुखद था।
आगे क्या होगा
जूली ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और सभी कदम महज जनता को गुमराह करने के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा के लिए कोई मजबूत विधेयक लाना चाहती थी, तो यह काम पहले ही हो जाना चाहिए था। कांग्रेस का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय नहीं होती।