नीट पेपर लीक: सपा-कांग्रेस का अल्टीमेटम — पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, तब वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अनुराग भदौरिया और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने 23 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष की शर्त स्पष्ट कर दी — केंद्र सरकार पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले, उसके बाद ही किसी वार्ता पर विचार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट को दोनों नेताओं ने 'महज दिखावा' करार दिया।
जंतर-मंतर पर एक माह से जारी आंदोलन
नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुवाई में जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर करीब एक माह से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। 20 जुलाई को उग्र प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को सरकार की वार्ता की तत्परता जताई थी और गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर छात्रों को भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सपा नेता का आरोप — 'तानाशाही रवैया'
सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा, 'सभी मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री से इस्तीफा ले। लेकिन सरकार इस मामले में चुप है। प्रधानमंत्री ने जो पोस्ट किया है, यह सिर्फ दिखावा है।' उन्होंने कहा कि जो बच्चे घायल हुए, सरकार को उनके बारे में दो शब्द कहने चाहिए।
भदौरिया ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाती है और लोकतंत्र में जनता की ताकत को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर संसद में वंदे मातरम का बिल लाया जा रहा है, तो दूसरी ओर वंदे मातरम का नारा लगाने वाले छात्रों पर लाठियाँ बरसाई जा रही हैं।
कांग्रेस विधायक की माँग — इस्तीफा पहले, चर्चा बाद में
कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब एक्शन लेने का वक्त है। उन्होंने माँग की कि आंदोलित छात्रों की सभी माँगें मानी जाएँ। मिश्रा ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली पुलिस के कथित बर्ताव की कड़ी निंदा की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करे, उसके बाद ही विपक्ष किसी चर्चा में भाग लेगा।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव पर बड़ा बयान
आराधना मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी मज़बूती के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा और कांग्रेस की तैयारी पूरी है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि सरकार और विपक्ष के बीच की यह खाई तब तक पाटना मुश्किल दिखती है जब तक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है और आने वाले दिनों में विपक्ष के संसदीय दबाव में और तेज़ी आ सकती है।