NEET पेपर लीक पर विपक्ष का हमला: अखिलेश यादव बोले — 'सरकार की जवाबदेही सिर्फ अकाउंट भरने तक'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने 23 जुलाई को नई दिल्ली में NEET पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने एकजुट होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
अखिलेश यादव का सीधा वार
पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, 'हम उत्तर प्रदेश से हैं। हम यूपी सरकार का काम देख रहे हैं, और हम भारत सरकार को भी देख सकते हैं। यह किसकी जवाबदेही है? सरकार की जवाबदेही थी। ऐसा लगता है कि उनकी क्षमता अकाउंट भरने तक ही सीमित है, और हम उत्तर प्रदेश में इसे बहुत करीब से देख रहे हैं। जवाबदेही क्या है? अकाउंट भरने की उनकी क्षमता ही उनकी जवाबदेही लगती है।' यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जंतर-मंतर पर लाखों छात्र NEET के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
SP सांसद अवधेश प्रसाद की BJP पर चोट
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें नड्डा ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के 'राजनीतिकरण' न करने की अपील की थी। प्रसाद ने कहा, 'आज ऐसा कौन सा मुद्दा बचा है जो राजनीति से अछूता हो? यह भी भारतीय जनता पार्टी की ही राजनीति है। राजनीति की वजह से ही पेपर लीक हो रहे हैं। राजनीति की वजह से ही देशभर से लाखों छात्र अपनी बात रखने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो कोई भी राजनीति का आरोप लगा रहा है, वह खुद पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रहा है।
कांग्रेस की माँग — शिक्षा मंत्री को हटाओ
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के सांसद हिबी ईडेन ने कहा कि पिछले 10 से अधिक वर्षों में 100 से ज़्यादा पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 22 जुलाई 2024 को संसद में यह मुद्दा उठाया था, जब तक 70 से अधिक पेपर लीक हो चुके थे। ईडेन ने कहा, 'अब तक इस मामले पर कोई जाँच नहीं हुई है और हमें सरकार से इस पर जाँच की कोई उम्मीद भी नहीं है। हमारी माँग है कि तत्काल ही शिक्षा मंत्री को उनके पद से हटाया जाए।'
TMC की दो-टूक — पहले इस्तीफा, फिर बात
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सागरिका घोष ने कहा कि NEET परीक्षा को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और ज़्यादतियों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन किसी भी चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, 'धर्मेंद्र प्रधान में ऐसी क्या खास बात है कि वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं? वे पद छोड़ने से क्यों इनकार कर रहे हैं? उनकी तरफ से ऐसी चुप्पी क्यों है?'
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि लगातार तीसरे दिन दिल्लीभर में मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार इस तरह काम नहीं कर सकती। दिल्ली को घेरे में लिया गया है। संसद के अंदर और बाहर हमारी एक ही माँग है — धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। अगर सरकार को लगता है कि वह संसद के अंदर हमसे समझौता कर सकती है और साथ ही बाहर छात्रों की आवाज दबा सकती है, तो ऐसा कभी नहीं होगा। पहले उन्हें इस्तीफा देना होगा; उसके बाद ही कोई चर्चा हो सकती है।'
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में तेज हुआ है जब संसद का सत्र चल रहा है और विपक्ष सदन के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है। विपक्षी दलों की एकजुटता और धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे का बढ़ता दबाव आने वाले दिनों में संसदीय कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।