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नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: सपा नेता फखरुल हसन चांद बोले — युवाओं के आंदोलन के आगे झुकी सरकार

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नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: सपा नेता फखरुल हसन चांद बोले — युवाओं के आंदोलन के आगे झुकी सरकार

सारांश

नीट पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सपा नेता फखरुल हसन चांद ने युवाओं का ऐतिहासिक दबाव बताया। उनका कहना है कि 'इस्तीफे नहीं होते' वाली सरकार को झुकना पड़ा — यह BJP के अहंकार की हार है।

मुख्य बातें

सपा नेता फखरुल हसन चांद ने 26 जुलाई को लखनऊ में नीट पेपर लीक पर प्रतिक्रिया दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सपा ने युवाओं के आंदोलन की जीत बताया; अखिलेश यादव ने भी इसे नौजवानों का संघर्ष बताया।
सपा की माँग — पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो; उत्तर प्रदेश में भी लीक मामलों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं।
नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी से परहेज़, लेकिन पेपर लीक रोकना उनकी पहली प्राथमिकता बताई।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में नई एसआईटी गठित; सपा ने दोषियों पर कार्रवाई की माँग दोहराई।
कारगिल विजय दिवस पर सपा ने देश के वीर सैनिकों को नमन किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता फखरुल हसन चांद ने 26 जुलाई को लखनऊ में कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देश के युवाओं की ऐतिहासिक जीत है। उनके अनुसार, जो सरकार यह दावा करती थी कि उसके शासन में इस्तीफे नहीं होते, उसे जन-आंदोलन के दबाव में झुकना पड़ा।

युवाओं की जीत और भाजपा का अहंकार

फखरुल हसन चांद ने कहा कि देशभर में युवाओं ने जिस तरह सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठाई, उसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अहंकार तोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसे नौजवानों के संघर्ष और त्याग की जीत बताया है। सपा नेता ने माँग की कि BJP सरकार में जो भी मंत्री अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं, उन्हें हटाकर नए और सक्षम लोगों को मौका दिया जाए।

नए शिक्षा मंत्री पर सपा का रुख

प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने पर फखरुल हसन चांद ने फिलहाल टिप्पणी करने से परहेज़ किया। उन्होंने कहा कि सपा नए मंत्री के कामकाज को देखना चाहती है। उनके अनुसार, पेपर लीक रोकना नए शिक्षा मंत्री की पहली और सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। अखिलेश यादव का मानना रहा है कि समस्या की जड़ें गहरी हैं, इसलिए सतही बदलाव काफी नहीं होंगे।

पेपर लीक पर सरकार की विफलता

सपा नेता ने आरोप लगाया कि देशभर में पेपर लीक के मामले सामने आते रहे, लेकिन BJP सरकार ने समय रहते न तो कड़ा कानून बनाया और न ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि भारी जन-दबाव के बाद ही सरकार हरकत में आई, जो उसकी प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। सपा की माँग है कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन किसी के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हिंसा का विरोध, विपक्ष की आवाज़ का समर्थन

फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया कि सपा लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को ज़रूरी मानती है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि यदि कहीं हिंसा हुई है तो हिंसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन आंदोलन में शामिल विपक्षी नेताओं को जेल भेजना उचित नहीं है।

कारगिल विजय दिवस और राम मंदिर चढ़ावा विवाद

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर फखरुल हसन चांद ने देश के बहादुर सैनिकों को सपा की ओर से सलाम किया। उन्होंने कहा कि जिन वीर जवानों ने पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, उन्हें पार्टी नमन करती है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर नई एसआईटी के गठन पर उन्होंने कहा कि पहली एसआईटी की जाँच पर न्यायालय को भरोसा नहीं था, इसीलिए नई एसआईटी बनाई गई। सपा का मानना है कि करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का सम्मान करते हुए सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जाँच से न्याय सुनिश्चित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीट संकट की असली जड़ — परीक्षा तंत्र में संस्थागत खामियाँ और जवाबदेही का अभाव — मंत्री बदलने से नहीं जाती। सपा का यह बयान विपक्षी एकजुटता से ज़्यादा चुनावी पुनर्स्थापन की कोशिश लगता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में खुद सपा-शासन के दौरान पेपर लीक के मामले सामने आए थे। असली सवाल यह है कि क्या नई एसआईटी और नए मंत्री मिलकर वह पारदर्शी जवाबदेही ढाँचा बना पाएँगे जो अब तक नदारद रहा है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
नीट परीक्षा में व्यापक पेपर लीक के आरोपों और देशभर में छात्रों के तीव्र आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। सपा सहित विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम जन-दबाव के आगे सरकार की स्वीकृति है।
सपा ने नीट पेपर लीक पर क्या माँगें रखी हैं?
समाजवादी पार्टी ने माँग की है कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी यह भी चाहती है कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भविष्य में पेपर लीक रोकने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएँ।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नई एसआईटी क्यों बनाई गई?
सर्वोच्च न्यायालय को पहले गठित एसआईटी की जाँच पर भरोसा नहीं था, इसलिए उसने नई एसआईटी के गठन का आदेश दिया। सपा ने इस मामले में न्यायालय की निगरानी में जाँच का स्वागत करते हुए सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
कारगिल विजय दिवस पर सपा ने क्या कहा?
सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर सैनिकों को पार्टी की ओर से सलाम किया। उन्होंने उन जवानों को विशेष रूप से नमन किया जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
क्या सपा युवाओं के आंदोलन में हिंसा का समर्थन करती है?
नहीं। फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया कि सपा लोकतांत्रिक विरोध का समर्थन करती है, लेकिन किसी भी हिंसा का नहीं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं हिंसा हुई है तो उसके दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, परंतु शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल विपक्षी नेताओं को जेल भेजना अनुचित है।
राष्ट्र प्रेस
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