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सपा सांसदों की मांग: NTA को हटाओ, धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा — NEET विवाद पर संसद में घमासान

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सपा सांसदों की मांग: NTA को हटाओ, धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा — NEET विवाद पर संसद में घमासान

सारांश

NEET पेपर लीक विवाद के बीच सपा सांसदों ने संसद के बाहर मोर्चा खोला — NTA को हटाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग। डिंपल यादव, राम गोपाल यादव और इकरा हसन ने एक स्वर में कहा: छात्रों की आवाज़ दबाई जा रही है।

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी के सांसदों ने 24 जुलाई को माँग की कि NTA को तत्काल परीक्षा प्रक्रिया से बाहर किया जाए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर सपा कायम; कहा — इस्तीफे के बिना सदन नहीं चलेगा।
डिंपल यादव ने छात्र प्रदर्शनों पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाली।
राम गोपाल यादव ने दावा किया कि CBI ने NEET मामले के मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी है।
इकरा हसन ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली , मुंबई , पटना सहित कई शहरों में जारी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने 24 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल परीक्षा प्रक्रिया से बाहर करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। NEET पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में सपा की यह माँग संसद में विपक्ष की एकजुट आवाज़ का हिस्सा बन गई है।

डिंपल यादव का आरोप: सरकार छात्रों की समस्या दबाना चाहती है

सपा सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे को समाप्त करना चाहती है, जबकि देशभर से परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हित में काम करना चाहती है तो सबसे पहले NTA को परीक्षा प्रक्रिया से हटाना चाहिए।'

उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए था। डिंपल यादव ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल प्रयोग का भी आरोप लगाया और कहा कि चूँकि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, इसलिए इस कार्रवाई की जवाबदेही भी केंद्र की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मुंबई, पटना और बिहार समेत अनेक शहरों में छात्र आंदोलन जारी हैं। उन्होंने गृह मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

राम गोपाल यादव: इस्तीफे के बिना सदन नहीं चलेगा

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि संसद में प्रतिदिन सदन स्थगित हो रहा है क्योंकि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने साफ़ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक सदन का सुचारू संचालन संभव नहीं होगा।

NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए राम गोपाल यादव ने दावा किया कि CBI ने मामले के मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थिति में सरकार किस आधार पर नया कानून बनाने की बात कर रही है।

सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर राम गोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और डॉ. राम मनोहर लोहिया की विचारधारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के पक्ष में कभी नहीं रही। उनके अनुसार, डॉ. लोहिया केवल सांकेतिक भूख हड़ताल का समर्थन करते थे।

इकरा हसन: छात्रों की समस्या पहले, फास्ट ट्रैक कोर्ट पर भी सवाल

सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर कायम है और छात्रों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अदालतें गठित करने से काम नहीं चलेगा — यह देखना भी ज़रूरी है कि मामलों का निपटारा कितनी प्रभावी और तेज़ी से हो रहा है।

NTA विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद से NTA लगातार विवादों के घेरे में है। देशभर के छात्र संगठनों ने NTA को भंग करने और परीक्षा प्रणाली में आमूल सुधार की माँग उठाई है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार परीक्षा सुधारों पर नया विधेयक लाने की तैयारी में बताई जा रही है।

आगे क्या

मानसून सत्र में NEET और NTA मुद्दे पर विपक्ष का दबाव जारी रहने की संभावना है। सपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और NTA को नहीं हटाया जाता, संसदीय कार्यवाही में बाधा बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NTA पर उठाए गए सवाल केवल विपक्षी बयानबाज़ी नहीं हैं — NEET-UG 2024 की अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य पर वास्तविक प्रश्नचिह्न लगाए हैं। विडंबना यह है कि सरकार एक ओर नया परीक्षा-सुधार कानून लाने की बात कर रही है, और दूसरी ओर CBI जाँच के नतीजे अभी भी अधूरे और विवादास्पद हैं। मानसून सत्र में बार-बार स्थगन यह भी दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर खुली बहस से बच रही है — जो छात्रों के गुस्से को और भड़का सकता है। असली परीक्षा यह है कि क्या NTA सुधार केवल नाम-बदलाव तक सीमित रहेगा या परीक्षा प्रणाली में ढाँचागत बदलाव आएगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद NTA को हटाने की माँग क्यों कर रहे हैं?
NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सपा सांसदों का कहना है कि NTA ने परीक्षा प्रणाली में भरोसा खो दिया है। उनकी माँग है कि NTA को तत्काल परीक्षा प्रक्रिया से बाहर किया जाए और व्यापक सुधार किए जाएँ।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग का आधार क्या है?
सपा सांसदों का तर्क है कि NEET विवाद और छात्र आंदोलन की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री पर बनती है। डिंपल यादव और राम गोपाल यादव दोनों ने कहा कि इतने बड़े संकट के बाद मंत्री को स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए था।
राम गोपाल यादव ने CBI के बारे में क्या दावा किया?
राम गोपाल यादव ने दावा किया कि CBI ने NEET पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में सरकार किस आधार पर नया कानून बनाने की बात कर रही है।
छात्र आंदोलन कहाँ-कहाँ हो रहे हैं?
सपा सांसद डिंपल यादव के अनुसार विरोध प्रदर्शन केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं हैं — मुंबई, पटना और बिहार समेत कई शहरों में छात्र आंदोलन जारी हैं।
सपा का सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर क्या रुख है?
राम गोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और डॉ. राम मनोहर लोहिया की विचारधारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के पक्ष में नहीं रही है। पार्टी संघर्ष के लोकतांत्रिक और व्यावहारिक तरीकों में विश्वास रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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