नीट पेपर लीक: स्थगन प्रस्ताव नहीं माना तो आंदोलन जारी रहेगा, विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 22 जुलाई — नीट पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार संसद में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं करती, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर चल रहा आंदोलन बिना रुके जारी रहेगा। संसद भवन के बाहर एकत्र हुए विपक्षी नेताओं ने एकसुर में सरकार पर छात्रों के प्रति 'संवेदनहीनता' का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'पहली बात, इस्तीफा होना चाहिए। दूसरी बात, छात्रों और युवाओं की मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। तीसरी बात, बच्चों के साथ जैसा बर्ताव किया गया, अगर ऐसा होता रहा तो यह सिलसिला चलता रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक का मसला किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है — देश में 150 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 20 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलित हैं और संसद के मानसून सत्र में विपक्ष इसे केंद्रीय मुद्दा बनाए हुए है।
विपक्ष की चार प्रमुख माँगें
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर 'संवेदनहीन' होने का आरोप लगाते हुए कहा, 'स्थगन प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। सदन का सारा कामकाज रोक दिया जाना चाहिए और सीधे इसी प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए। मैंने स्पीकर को भी अपनी यह इच्छा बता दी है।' उन्होंने विपक्ष की चार माँगें गिनाईं — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जाँच।
प्रियंका गांधी का सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने पत्रकारों से पूछा, 'क्या हमारा लोकतंत्र बचा है? यह कोई आम विरोध-प्रदर्शन नहीं है; यह एक असली मुद्दे और असली समस्या से जुड़ा मामला है। देश के सभी माता-पिता, छात्र और शिक्षक यह बात जानते हैं।' उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब संसद में वंदे मातरम पर 10 घंटे चर्चा हो सकती है, तो स्थगन प्रस्ताव पर विस्तृत बहस क्यों नहीं होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस का समर्थन
गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के धरने को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी समर्थन दिया। TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'मैं राहुल गांधी का पूरा समर्थन करता हूँ कि उन्होंने इस मुद्दे को सबके सामने रखा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और नीट पेपर लीक की ठीक से जाँच होनी चाहिए।' TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा, 'राजनीतिक मुद्दे अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन यह मुद्दा हमारे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।'
आगे क्या होगा
विपक्ष का रुख स्पष्ट है — जब तक सरकार स्थगन प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं देती और चारों माँगें नहीं मानती, संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव बनाए रखा जाएगा। आलोचकों का कहना है कि यह गतिरोध मानसून सत्र की कार्यवाही को और बाधित कर सकता है, जबकि लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रतीक्षा में हैं।