1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

NEET पेपर लीक पर उमंग सिंघार का हमला: 'युवाओं के भविष्य की चोरी हो रही है, सरकार की परीक्षा व्यवस्था फेल'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
NEET पेपर लीक पर उमंग सिंघार का हमला: 'युवाओं के भविष्य की चोरी हो रही है, सरकार की परीक्षा व्यवस्था फेल'

सारांश

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने NEET 2026 पेपर लीक को 'युवाओं के भविष्य की चोरी' करार दिया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NTA का व्यापक सुधार और समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करने की माँग की है।

मुख्य बातें

उमंग सिंघार ने 30 जून 2026 को भोपाल में NEET पेपर लीक को 'युवाओं के भविष्य की चोरी' बताया।
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा माँगा।
NTA सहित पूरी परीक्षा व्यवस्था के व्यापक सुधार और निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई गई।
वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू करने की माँग — ताकि समयबद्ध भर्ती सुनिश्चित हो।
सिंघार ने कहा कि यह मुद्दा आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में भी उठाया जाएगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 30 जून 2026 को भोपाल में संवाददाताओं से बात करते हुए देशभर में हो रहे पेपर लीक मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह महज पेपर लीक नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य की चोरी है।

मुख्य आरोप और बयान

सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'छात्र फेल नहीं हो रहे — सरकार की परीक्षा व्यवस्था फेल हो रही है।' उन्होंने तर्क दिया कि जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं पर से भरोसा उठ जाए, तो जवाबदेही भी उसी स्तर पर तय होनी चाहिए। नीट 2026 पेपर लीक प्रकरण को उन्होंने इस संकट का प्रतीक बताया।

कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान का हवाला देते हुए सिंघार ने कहा कि यह मुद्दा सड़कों के साथ-साथ आगामी विधानसभा सत्र में भी गूंजेगा। उनके अनुसार मध्य प्रदेश की भर्ती परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा में व्याप्त अव्यवस्था इस संकट को और गहरा कर रही है।

सरकार से प्रमुख माँगें

कांग्रेस ने तीन ठोस माँगें रखी हैं। पहली — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। दूसरी — राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सहित पूरी परीक्षा व्यवस्था का व्यापक सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच हो। तीसरी — वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

आम युवाओं पर असर

सिंघार ने रेखांकित किया कि देश का युवा आज पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं से एक साथ जूझ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगा देते हैं और एक लीक उनकी मेहनत को शून्य कर देती है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह मुद्दा आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। गौरतलब है कि नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आए हैं, जिससे NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कांग्रेस की माँगें — इस्तीफा, जाँच, कैलेंडर — कितनी बार पहले भी उठाई जा चुकी हैं और कितनी बार नतीजे निकले हैं। NTA पर सवाल 2024 के नीट विवाद से ही उठ रहे हैं, फिर भी संरचनात्मक सुधार अधूरे हैं। विपक्ष की आवाज़ तब तक प्रभावी नहीं होती जब तक वह जवाबदेही के ठोस तंत्र — स्वतंत्र ऑडिट, एन्क्रिप्टेड पेपर वितरण, रियल-टाइम निगरानी — की माँग न करे, न कि केवल इस्तीफे की।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमंग सिंघार ने पेपर लीक पर क्या कहा?
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य की चोरी है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र नहीं, सरकार की परीक्षा व्यवस्था फेल हो रही है।
कांग्रेस ने NEET पेपर लीक पर क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NTA सहित पूरी परीक्षा व्यवस्था का व्यापक सुधार एवं निष्पक्ष जाँच, और वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू करना।
'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ छात्रों की आवाज़ उठाने के लिए चलाया जा रहा है।
NEET 2026 पेपर लीक का मध्य प्रदेश से क्या संबंध है?
सिंघार ने मध्य प्रदेश की भर्ती परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा में अव्यवस्था को राष्ट्रीय पेपर लीक संकट से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में भी उठाया जाएगा।
NTA सुधार की माँग क्यों उठ रही है?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर 2024 से ही पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिना संरचनात्मक सुधार के परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले