नीट पेपर लीक पर इमरान मसूद का हमला: 'शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा, छात्रों को हो रहा मानसिक आघात'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 7 जून को सहारनपुर में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है और इन घटनाओं की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।
छात्रों पर मानसिक असर
मसूद ने कहा कि जब परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होते हैं, तो विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत एक झटके में बेकार हो जाती है और उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचता है। उनके अनुसार, आज देश के युवाओं में जो डर और निराशा है, वह पूरे सामाजिक माहौल में साफ़ दिखती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना भविष्य अंधकारमय नज़र आ रहा है।
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की माँग
मसूद ने सरकार से सीधा सवाल किया कि इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि पिछली पेपर लीक घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में ही कठोर कदम उठाए जाते, तो बार-बार ऐसी घटनाएँ नहीं होतीं।
सीसीटीवी और ऑनलाइन निगरानी के दावों पर सवाल
सांसद ने सरकार के उन दावों को भी खारिज किया जिनमें सीसीटीवी कैमरों और ऑनलाइन निगरानी के ज़रिए पेपर लीक रोकने की बात कही जाती है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि ये इंतज़ाम वाकई कारगर होते, तो प्रश्नपत्र लीक होने की नौबत ही नहीं आती।
भाजपा के 'विदेशी साज़िश' के दावे पर पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उस बयान पर, जिसमें कहा गया था कि विदेश में बैठे कुछ लोग युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, मसूद ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य किसी बाहरी ताकत से नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोज़गार के वादे पूरे नहीं किए जा रहे और शिक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है।
मुख्य मुद्दे से भटकाव का आरोप
खान सर के कोचिंग संस्थान से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने कहा कि असली बहस नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर होनी चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे के मुद्दे पर भी BJP की आलोचना करते हुए इसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताया।
राजनीतिक ध्रुवीकरण और महँगाई
इंडिया गठबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मसूद ने कहा कि देश अब दो स्पष्ट वैचारिक ध्रुवों में बँट रहा है — एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है और दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का। उन्होंने एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का भी ज़िक्र किया और कहा कि राहुल गांधी पहले भी संसद में महँगाई के मुद्दे पर सरकार को आगाह कर चुके हैं, लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई। आने वाले समय में पेपर लीक पर जवाबदेही और शिक्षा सुधार की माँग और तेज़ होने की संभावना है।