नीट पेपर लीक: इमरान मसूद की माँग — धर्मेंद्र प्रधान नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा

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नीट पेपर लीक: इमरान मसूद की माँग — धर्मेंद्र प्रधान नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद में कांग्रेस का हमला तेज़ — इमरान मसूद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक इस्तीफे की माँग की, राहुल गांधी ने 22 लाख छात्रों से 'धोखे' का आरोप लगाया, और दिग्विजय सिंह ने मेडिकल कॉलेजों में अवैध कमाई का मुद्दा उठाया। सरकार ने जाँच के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 मई को सहारनपुर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की माँग की।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ और एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मेडिकल कॉलेजों में पारिवारिक दबदबे और पेपर लीक से करोड़ों की अवैध कमाई का आरोप लगाया।
एनएसयूआई समेत कांग्रेस के छात्र संगठन देशभर में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने जाँच एजेंसियों को मामले की तेज़ जाँच के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए रविवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की माँग की। सहारनपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मसूद ने कहा कि जब नैतिकता ही नहीं बची, तो जवाबदेही की उम्मीद करना बेमानी है।

मुख्य आरोप और माँग

इमरान मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह नैतिकता का मामला होता है। जब नैतिकता ही नहीं बची है, तो क्या किया जा सकता है?' उनका यह बयान नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें देशभर के 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी प्रभावित हुए।

इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था, 'मोदी सरकार में कोई अकाउंटेबिलिटी नहीं है — बस धोखे का एक फिक्स्ड फॉर्मूला है। नीट पेपर लीक हुआ — एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने नीट के 22 लाख छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने संसद का भी अपमान किया है। शिक्षा मंत्री को अभी तुरंत हटाया जाए।'

अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संकट पर चिंता

कांग्रेस सांसद मसूद ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले वर्ष संसद में अर्थव्यवस्था के गर्त में जाने की बात कही थी, जो अब प्रधानमंत्री को भी समझ आ रही है। उन्होंने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाकर संकट से उबरने के रास्ते तलाशने की अपील की।

मसूद ने ईरान-अमेरिका तनाव के संभावित प्रभावों पर भी चिंता जताई, यह कहते हुए कि इस भू-राजनीतिक तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र से तत्काल रणनीति बनाने की माँग की।

दिग्विजय सिंह का आरोप: मेडिकल कॉलेजों में पारिवारिक दबदबा

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में कुछ परिवारों का दबदबा है और पेपर लीक के ज़रिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई हो रही है। उन्होंने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग की।

विपक्ष का प्रदर्शन और सरकार का रुख

नीट विवाद को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। एनएसयूआई समेत कांग्रेस के छात्र संगठन देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने जाँच एजेंसियों को मामले की तेज़ जाँच के निर्देश दिए हैं और अपना रुख बचाव में रखा है।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा — यह केंद्र सरकार की जवाबदेही और संस्थागत विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में संसद सत्र में यह मुद्दा और तीखा रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक खामियों का आईना है। विपक्ष की इस्तीफे की माँग राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है, लेकिन असली सवाल यह है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की निगरानी व्यवस्था इतनी कमज़ोर क्यों रही। जब तक पेपर लीक की जड़ — भर्ती माफिया और परीक्षा केंद्रों की मिलीभगत — पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, मंत्री का इस्तीफा भी महज़ प्रतीकात्मक कदम बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए इस्तीफे की माँग की। उनका तर्क है कि 22 लाख छात्रों की परीक्षा प्रणाली विफल होने के बावजूद किसी मंत्री ने जिम्मेदारी नहीं ली।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोप सामने आए, जिससे देशभर के 22 लाख से अधिक मेडिकल प्रवेश परीक्षार्थी प्रभावित हुए। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने नीट विवाद पर क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में कोई जवाबदेही नहीं है और नीट पेपर लीक से 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल हटाने की माँग की।
दिग्विजय सिंह ने मेडिकल कॉलेजों पर क्या आरोप लगाए?
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में कुछ परिवारों का दबदबा है और पेपर लीक के ज़रिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई हो रही है। उन्होंने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पारदर्शिता की माँग की।
केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक पर क्या कदम उठाए हैं?
केंद्र सरकार ने जाँच एजेंसियों को नीट पेपर लीक मामले की तेज़ जाँच के निर्देश दिए हैं। हालाँकि विपक्ष का कहना है कि अब तक कोई मंत्री जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दे चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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