ईंधन बचाओ अपील पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तंज, NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा

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ईंधन बचाओ अपील पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तंज, NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने PM मोदी की ईंधन बचाओ अपील को सीधे 'ड्रामा' कहा और NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सरकार को आड़े हाथों लिया। पटना से सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी लाखों छात्रों के बर्बाद भविष्य का हवाला देते हुए परीक्षा तंत्र की विफलता पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 16 मई को सहारनपुर में PM मोदी की ईंधन बचाओ अपील को 'ड्रामा' करार दिया।
मसूद का दावा — पिछले एक महीने से ईंधन मूल्य वृद्धि की चेतावनी दे रहे थे, सरकार ने अनदेखी की।
NEET-UG 2026 पेपर लीक पर मसूद ने कहा — पिछली बार की तरह इस बार भी संसदीय हंगामे का कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा — बार-बार पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
कांग्रेस का आरोप — सरकार महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार, 16 मई को सहारनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान ईंधन की बढ़ती कीमतों और NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों से ईंधन बचाने की अपील को 'ड्रामा' करार दिया और सरकार से वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने की माँग की।

ईंधन अपील पर व्यंग्य

मसूद ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की चेतावनी वे पिछले एक महीने से देते आ रहे थे। प्रधानमंत्री की ईंधन बचाओ अपील पर उन्होंने कहा, 'ऐसा करके आप कितना ईंधन बचा लेंगे? क्या इससे देश में ईंधन की खपत कम हो जाएगी? ड्रामा मत कीजिए, कुछ काम कीजिए। देश ऐसे ड्रामों से नहीं चलेगा। लोग अब समझ गए हैं और असलियत जान रहे हैं।' उनका आरोप है कि सरकार महंगाई की समस्या के मूल कारणों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

भोजशाला विवाद पर प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर से जुड़े फैसले पर मसूद ने कहा, 'अब यह सिलसिला फिर शुरू हो गया है। मैंने पहले भी कहा था कि कोई भी मुद्दा ले आइए और उस पर चर्चा शुरू कर दीजिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य, परीक्षाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर बहस से बचती है।

NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर मसूद ने चेतावनी दी कि पिछली बार की तरह इस बार भी संसद में हंगामे के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा, 'एक गरीब इंसान अपने बच्चों को परीक्षा दिलवाने के लिए एक-एक रुपया बचाता है, लेकिन सरकार परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित नहीं रख पा रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

पटना से कांग्रेस सांसद की आवाज़

पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी NEET परीक्षा रद्द होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'अगर सिस्टम में कोई गड़बड़ी न होती तो बार-बार पेपर लीक होने की घटनाएँ नहीं होतीं। लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो गया है।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में घिरी है — 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों के बाद व्यापक बहस हुई थी।

कांग्रेस की माँग और आगे की राह

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार परीक्षा सुधार और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर ध्यान देने के बजाय मुद्दों को डायवर्ट करने की कोशिश कर रही है। मसूद ने स्पष्ट किया कि आम जनता अब इन 'ड्रामों' से ऊब चुकी है और सरकार को महंगाई, बेरोजगारी तथा शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विपक्ष के इस हमले के बाद सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष इन्हें एक ही धागे में पिरो रहा है: शासन की विफलता। मसूद का 'ड्रामा' वाला बयान आक्रामक है, लेकिन असली सवाल यह है कि NEET जैसी परीक्षाओं में बार-बार लीक क्यों होती है — 2024 के बाद 2026 में फिर वही कहानी। ईंधन की कीमतों पर अपील करना सरकार की नीयत दर्शाता है, पर यह संरचनात्मक समाधान नहीं है। जब तक परीक्षा तंत्र में जवाबदेही तय नहीं होती और ईंधन मूल्य नीति पारदर्शी नहीं बनती, विपक्ष के पास हमले के लिए मैदान खुला रहेगा।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने PM मोदी की ईंधन बचाओ अपील पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे 'ड्रामा' करार देते हुए कहा कि इससे देश में ईंधन की खपत कम नहीं होगी। उन्होंने सरकार से असल मुद्दों — महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा — पर ध्यान देने की माँग की।
NEET-UG 2026 पेपर लीक पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस का कहना है कि 2024 की तरह इस बार भी संसद में हंगामे के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। सांसद इमरान मसूद और अखिलेश प्रसाद सिंह दोनों ने कहा कि बार-बार पेपर लीक से लाखों गरीब छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
भोजशाला विवाद पर इमरान मसूद की क्या प्रतिक्रिया रही?
मसूद ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, परीक्षाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विवादों को हवा देती है। उनके अनुसार यह एक जानी-पहचानी रणनीति है।
NEET परीक्षा रद्द होने से छात्रों पर क्या असर पड़ा है?
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह के अनुसार लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। गरीब परिवारों के बच्चे, जो एक-एक रुपया जोड़कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मुद्दे डायवर्ट करने का आरोप क्यों लगाया?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार परीक्षा सुधार और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर कार्रवाई करने के बजाय ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। मसूद ने कहा कि आम जनता अब इन 'ड्रामों' को समझ चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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