ईंधन बचाओ अपील पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तंज, NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार, 16 मई को सहारनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान ईंधन की बढ़ती कीमतों और NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों से ईंधन बचाने की अपील को 'ड्रामा' करार दिया और सरकार से वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने की माँग की।
ईंधन अपील पर व्यंग्य
मसूद ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की चेतावनी वे पिछले एक महीने से देते आ रहे थे। प्रधानमंत्री की ईंधन बचाओ अपील पर उन्होंने कहा, 'ऐसा करके आप कितना ईंधन बचा लेंगे? क्या इससे देश में ईंधन की खपत कम हो जाएगी? ड्रामा मत कीजिए, कुछ काम कीजिए। देश ऐसे ड्रामों से नहीं चलेगा। लोग अब समझ गए हैं और असलियत जान रहे हैं।' उनका आरोप है कि सरकार महंगाई की समस्या के मूल कारणों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
भोजशाला विवाद पर प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर से जुड़े फैसले पर मसूद ने कहा, 'अब यह सिलसिला फिर शुरू हो गया है। मैंने पहले भी कहा था कि कोई भी मुद्दा ले आइए और उस पर चर्चा शुरू कर दीजिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य, परीक्षाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर बहस से बचती है।
NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर मसूद ने चेतावनी दी कि पिछली बार की तरह इस बार भी संसद में हंगामे के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा, 'एक गरीब इंसान अपने बच्चों को परीक्षा दिलवाने के लिए एक-एक रुपया बचाता है, लेकिन सरकार परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित नहीं रख पा रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
पटना से कांग्रेस सांसद की आवाज़
पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी NEET परीक्षा रद्द होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'अगर सिस्टम में कोई गड़बड़ी न होती तो बार-बार पेपर लीक होने की घटनाएँ नहीं होतीं। लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो गया है।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में घिरी है — 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों के बाद व्यापक बहस हुई थी।
कांग्रेस की माँग और आगे की राह
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार परीक्षा सुधार और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर ध्यान देने के बजाय मुद्दों को डायवर्ट करने की कोशिश कर रही है। मसूद ने स्पष्ट किया कि आम जनता अब इन 'ड्रामों' से ऊब चुकी है और सरकार को महंगाई, बेरोजगारी तथा शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विपक्ष के इस हमले के बाद सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।