पेट्रोल-डीजल महंगाई पर विपक्ष का हमला: मनोज झा बोले — हर क्षेत्र पर पड़ता है असर
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ पंप तक सीमित नहीं रहता — परिवहन से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों तक पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में और झटके मिल सकते हैं।
मनोज झा का केंद्र पर तंज
मनोज कुमार झा ने कहा, 'जब पेट्रोल-डीजल महंगा होता है तो परिवहन से लेकर रोज़मर्रा की चीज़ों तक हर चीज़ प्रभावित होती है।' उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को चुनाव जीतने का मंत्र तो मिल गया है, लेकिन आम जनता की परेशानियों से उसका कोई वास्ता नहीं। झा ने यह भी रेखांकित किया कि जिस दिन ईंधन की कीमतें बढ़ाई गईं, उसी दिन प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर रवाना हुए — जिसे उन्होंने 'एक विडंबना' करार दिया।
इमरान मसूद की चेतावनी
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईंधन मूल्य वृद्धि पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अभी तो 20 रुपए तक बढ़ेंगे। इंतजार कीजिए। ऐसे झटके धीरे-धीरे जनता को मिलते रहेंगे।' उनके इस बयान को विपक्ष की उस व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें महंगाई को आगामी चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश है।
केरल जनादेश पर झा का स्वागत
मनोज कुमार झा ने केरल में यूडीएफ (UDF) को मिले बड़े जनादेश और वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'केरल में काफी सोच-विचार के बाद वीडी सतीशन के पक्ष में फैसला लिया गया है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि उनके नेतृत्व में केरल और बेहतर प्रदर्शन करेगा।'
कर्नाटक हिजाब विवाद पर मसूद का रुख
कर्नाटक सरकार द्वारा वर्ष 2022 के हिजाब बैन आदेश को शैक्षणिक संस्थानों में वापस लेने के फैसले पर इमरान मसूद ने कहा कि हिजाब भारतीय संस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'हिजाब क्या है? सिर ढंकना, पर्दा करना — यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। आपने इसे सिर्फ एक उर्दू नाम दे दिया है।' गौरतलब है कि हिजाब पर यह बहस 2022 से ही देश में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनी हुई है।
आगे क्या
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी, केरल की नई सरकार का गठन और कर्नाटक में हिजाब नीति की वापसी — ये तीनों मुद्दे आने वाले हफ्तों में संसद और सड़क, दोनों जगह विपक्ष की आवाज़ को और तेज़ कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन मूल्य वृद्धि का सीधा असर खाद्य मुद्रास्फीति पर भी पड़ सकता है, जो पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव बना रही है।