पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर राहुल गांधी का हमला: 'गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी'

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पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर राहुल गांधी का हमला: 'गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी'

सारांश

पेट्रोल-डीजल में ₹3 की बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने दोहरा मोर्चा खोला — राहुल गांधी ने किस्तों में 'वसूली' की चेतावनी दी, तो खड़गे ने 10 साल में ₹43 लाख करोड़ के ईंधन कर का हिसाब माँगा। रूसी तेल पर 'अनुमति' का सवाल अब संप्रभुता की बहस बन चुका है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 15 मई को एक्स पर लिखा — पेट्रोल-डीजल में ₹3 की बढ़ोतरी 'किस्तों में वसूली' की शुरुआत है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने सस्ते कच्चे तेल के दौर में राहत देने की बजाय 10 वर्षों में ₹43 लाख करोड़ ईंधन कर वसूले।
खड़गे ने मार्च में मिली रूसी तेल खरीद की 30 दिन की छूट और उसके विस्तार की माँग को संप्रभुता का प्रश्न बताया।
कांग्रेस का कहना है कि डीजल मूल्यवृद्धि से उद्योग, किसान और घरेलू बजट — सभी प्रभावित होते हैं।
राहुल गांधी ने भविष्य में भी तेल कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह आर्थिक बोझ सरकार की नीतिगत विफलताओं का परिणाम है, जिसकी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ रही है। राहुल गांधी ने आगे भी तेल कीमतों में इज़ाफे की आशंका जताई।

राहुल गांधी का सीधा हमला

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।' उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही दबाव में हैं।

खड़गे का आर्थिक संकट पर बड़ा आरोप

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर पोस्ट कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, 'ये संकट सरकार की ओर से लाया गया संकट है, जिसका खामियाजा देश की जनता को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। जब डीजल के दाम बढ़ते हैं तो पूरे देश में महंगाई का असर पड़ता है। उद्योगों से लेकर घरेलू बजट व किसानों तक सब पर बुरा असर पड़ता है।'

खड़गे ने वैश्विक ईंधन संकट के साथ-साथ सरकार में 'नेतृत्व संकट और दूरदर्शी सोच के अभाव' को भारत की आर्थिक कठिनाइयों की बड़ी वजह बताया।

रूसी तेल और संप्रभुता का सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने मार्च में रूसी तेल खरीद पर मिली 30 दिन की छूट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि सरकार उस छूट का विस्तार चाहती है — और पूछा कि देश को 'अनुमति' माँगने की स्थिति में क्यों पहुँचाया गया। खड़गे ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और कांग्रेस के सवालों को नकारा गया।

गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिबंध-व्यवस्था के तहत रूसी तेल खरीद की अनुमति का विषय भारत की ऊर्जा कूटनीति में संवेदनशील बिंदु बना हुआ है।

टैक्स और महंगाई पर विपक्ष का सवाल

खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम कम थे, तब सरकार ने आम जनता को राहत देने की बजाय ईंधन करों से 10 वर्षों में ₹43 लाख करोड़ की कमाई की। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी वसूली के बावजूद अब महंगाई का बोझ जनता पर क्यों डाला जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सरकार 'सब सामान्य है' का भाव दिखाती है, लेकिन जब संकट गहराता है तो 'ईंधन बचाने' की अपील की जाती है — जो आलोचकों के अनुसार ठोस नीतिगत कार्रवाई का विकल्प नहीं है।

आगे क्या

विपक्ष की यह आक्रामक मुद्रा संसद के आगामी सत्र में ईंधन मूल्यवृद्धि को केंद्रीय मुद्दा बना सकती है। राहुल गांधी के अनुसार आने वाले समय में तेल कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है, जो घरेलू बजट और कृषि लागत दोनों को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या संकट-प्रबंधन ही नीति बन चुकी है। विपक्ष की आलोचना तब और धारदार होगी जब वह वैकल्पिक ऊर्जा नीति का ठोस खाका भी सामने रखे।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि 'गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी' और ₹3 की बढ़ोतरी को 'किस्तों में वसूली' की शुरुआत बताया। उन्होंने आगे भी तेल कीमतों में इज़ाफे की आशंका जताई।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने ₹43 लाख करोड़ का आरोप क्यों लगाया?
खड़गे का आरोप है कि जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम कम थे, तब केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने की बजाय 10 वर्षों में ईंधन करों से ₹43 लाख करोड़ कमाए। उनका सवाल है कि इतनी बड़ी कर वसूली के बाद भी अब महंगाई का बोझ जनता पर क्यों।
रूसी तेल और 'अनुमति' का विवाद क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मार्च में मिली रूसी तेल खरीद की 30 दिन की अमेरिकी छूट का हवाला देते हुए पूछा कि सरकार उस छूट का विस्तार क्यों माँग रही है। उनका तर्क है कि 'अनुमति' और 'इजाजत' जैसे शब्दों का इस्तेमाल भारत की संप्रभुता के लिए अपमानजनक है।
डीजल की कीमत बढ़ने से आम जनता पर क्या असर पड़ता है?
डीजल परिवहन, कृषि और उद्योग — तीनों क्षेत्रों की मूल लागत है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से पूरी अर्थव्यवस्था में महंगाई फैलती है। खड़गे के अनुसार इससे उद्योगों, किसानों और घरेलू बजट — सभी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
क्या आगे भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है?
राहुल गांधी ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में तेल कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। वैश्विक कच्चे तेल बाज़ार की अनिश्चितता और रूसी तेल छूट के भविष्य को देखते हुए यह आशंका प्रासंगिक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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