ईंधन महंगाई पर एनडीए नेताओं का बयान: वैश्विक संकट जिम्मेदार, PM मोदी ने हटाया विशेष उत्पाद शुल्क

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ईंधन महंगाई पर एनडीए नेताओं का बयान: वैश्विक संकट जिम्मेदार, PM मोदी ने हटाया विशेष उत्पाद शुल्क

सारांश

पेट्रोल-डीजल महंगाई पर एनडीए नेताओं ने वैश्विक कच्चे तेल संकट और ईरान-अमेरिका तनाव को जिम्मेदार ठहराया। PM मोदी ने विशेष उत्पाद शुल्क हटाया और खपत कम करने की अपील की। सरकार का दावा — भारत में कीमतें वैश्विक औसत से कम बढ़ी हैं।

मुख्य बातें

एनडीए नेताओं ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए वैश्विक कच्चे तेल संकट को जिम्मेदार ठहराया।
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि भारत के पेट्रोलियम भंडार पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, PM मोदी ने विशेष उत्पाद शुल्क हटाया और खुद के काफिले में वाहनों का उपयोग कम किया।
UP विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने ईरान-अमेरिका तनाव को तेल बाजार की अस्थिरता का प्रमुख कारण बताया।
सरकार ने ईंधन संकट पर पहले ही सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के वरिष्ठ नेताओं ने 15 मई को स्पष्ट किया कि यह वृद्धि वैश्विक कच्चे तेल बाजार में आई अस्थिरता का परिणाम है। नेताओं के अनुसार, सरकार आम जनता पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है, जिसमें विशेष उत्पाद शुल्क हटाना और ईंधन खपत में कटौती की अपील शामिल है।

मंत्री का बयान: भंडार पर नजर, राहत के प्रयास जारी

केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, 'मौजूदा वैश्विक हालात की वजह से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरकार और संबंधित एजेंसियाँ जनता को राहत देने की कोशिश कर रही हैं। हालाँकि संकट है और लोगों पर इसका कुछ असर पड़ना लाजिमी है, लेकिन भारत के पास पेट्रोलियम भंडार हैं, जिन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हालात को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है।'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष: उत्पाद शुल्क हटाया, खपत घटाने की अपील

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पिछले कई महीनों से वैश्विक संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया, 'पेट्रोलियम उत्पादों पर पड़ने वाला बोझ अभी तक बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है। इसी के चलते प्रधानमंत्री ने विशेष उत्पाद शुल्क हटा दिया है और पूरे देश के लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की है।' सरावगी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने खुद अपने सरकारी काफिले में वाहनों का इस्तेमाल कम कर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सरकार पहले ही एक सर्वदलीय बैठक बुला चुकी है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उनके अनुसार, 'यह वैश्विक संकट पिछले कई महीनों से जारी है। भारत ने इस मामले में सहयोग और समझदारी दिखाई।'

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष: ईरान-अमेरिका तनाव बना कारण

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार प्रभावित हुआ है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ी हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सोच का ही नतीजा है कि इन वैश्विक दबावों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें उतनी तेजी से नहीं बढ़ी हैं, जितनी दूसरी जगहों पर बढ़ी हैं।'

महाना ने यह भी याद दिलाया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले भी एक ही साल में तेजी से बढ़ चुकी हैं। उन्होंने इसे 'राष्ट्र प्रथम' का मामला बताते हुए कहा कि यह किसी पार्टी या सरकार का विषय नहीं है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊँची बनी हुई हैं और ईंधन महंगाई का सीधा असर परिवहन लागत, किराने के सामान की कीमतों और आम घरेलू बजट पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि सरकार द्वारा विशेष उत्पाद शुल्क हटाना एक तात्कालिक राहत उपाय है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता जरूरी होगी। आने वाले हफ्तों में सरकार की ओर से और राहत उपायों की घोषणा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उत्पाद शुल्क में कटौती पहले भी चुनावी मौसम में की जाती रही है। विशेष उत्पाद शुल्क हटाने की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन इसकी वास्तविक राहत तब तक सीमित रहेगी जब तक राज्य सरकारें भी VAT में कटौती नहीं करतीं। सर्वदलीय बैठक बुलाना राजनीतिक साझेदारी का संकेत है, पर जनता को ठोस और समयबद्ध राहत का इंतजार है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
एनडीए नेताओं के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल बाजार में अस्थिरता और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर भारत में भी पड़ा है। सरकार का कहना है कि भारत में कीमतें वैश्विक औसत की तुलना में कम तेजी से बढ़ी हैं।
PM मोदी ने ईंधन महंगाई से राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष उत्पाद शुल्क हटाया है और देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने खुद भी अपने सरकारी काफिले में वाहनों का उपयोग कम किया है।
क्या सरकार ने ईंधन संकट पर सभी दलों से बात की है?
हाँ, सरकार ने इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। यह बैठक वर्तमान वैश्विक ईंधन संकट के संदर्भ में आयोजित की गई थी।
ईरान-अमेरिका तनाव का भारत में ईंधन कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
UP विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है, जिसका असर भारत सहित पूरी दुनिया पर पड़ा है। अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ी हैं।
आम जनता को ईंधन महंगाई से कब राहत मिलेगी?
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार, सरकार और संबंधित एजेंसियाँ राहत देने की कोशिश कर रही हैं और पेट्रोलियम भंडार पर नजर रखी जा रही है। हालाँकि दीर्घकालिक राहत के लिए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता जरूरी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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