<b>हरदीप सिंह पुरी</b>: पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की

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<b>हरदीप सिंह पुरी</b>: पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की

सारांश

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से नागरिकों की सुरक्षा के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं। जानें इस पर उनका क्या कहना है।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच कीमतें स्थिर रखीं।
  • कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद नागरिकों को राहत दी गई।
  • सरकार ने करों में कटौती कर तेल कंपनियों के नुकसान को कम किया।
  • रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
  • दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जो लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। इससे वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतें लगभग 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। वहीं उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीका में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे - या तो भारत के नागरिकों के लिए कीमतें बढ़ाएं, जैसे अन्य देशों में हुआ है, या फिर अपने वित्तीय बोझ को सहन करें ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के आरंभ से अपने सरकार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का वित्तीय दायित्व उठाने का निर्णय लिया है।

पुरी ने बताया कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस समय में तेल कंपनियों के बड़े नुकसान (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये/लीटर और डीजल पर 30 रुपये/लीटर) को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में कटौती की है।

इसके साथ ही, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण निर्यात कर भी लागू किया गया है और किसी भी रिफाइनरी को विदेशी देशों में निर्यात करने के लिए कर का भुगतान करना होगा।

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, केंद्र ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क को 10-10 रुपए प्रति लीटर घटा दिया है।

इससे पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटकर 3 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल पर यह शून्य हो गया है।

Point of View

जो दर्शाता है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि वर्तमान में कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जा रही है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों नहीं बढ़ीं?
मोदी सरकार ने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रखने के लिए कीमतें स्थिर रखी हैं।
रूस-यूक्रेन संघर्ष का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, लेकिन सरकार ने इसे नियंत्रण में रखने का प्रयास किया है।
क्या सरकार ने करों में कटौती की है?
हां, सरकार ने तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए अपने कर राजस्व में कटौती की है।
केंद्र सरकार की इस नीति का क्या महत्व है?
यह नीति नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के प्रभाव को कम करने में मदद करती है।
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