नासा ने नॉर्थरोप ग्रुम्मन सीआरएस-24 कार्गो मिशन के लिए लॉन्च की पूरी तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- नासा ने सीआरएस-24 मिशन के लिए तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
- यह मिशन 11 अप्रैल को लॉन्च होगा।
- साइगनस एक्सएल लगभग 11,000 पाउंड सामग्री लेकर जाएगा।
- थेराप्यूटिक स्टेम सेल और अन्य वैज्ञानिक प्रयोग भेजे जा रहे हैं।
- यह स्पेसक्राफ्ट स्टीवन आर नागेल के सम्मान में नामित किया गया है।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने नॉर्थरोप ग्रुम्मन के कमर्शियल रिस्पलाई सर्विसेज-24 (सीआरएस-24) कार्गो मिशन के लॉन्च की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। यह मिशन 11 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट (ईडीटी) पर निर्धारित है, जो भारतीय समय के अनुसार शनिवार शाम 5 बजकर 11 मिनट पर होगा।
इस मिशन के अंतर्गत नॉर्थरोप ग्रुम्मन का साइगनस एक्सएल स्पेसक्राफ्ट लगभग 11,000 पाउंड (करीब 5,000 किलोग्राम) वैज्ञानिक सामग्री, उपकरण और आवश्यक आपूर्ति लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की ओर प्रस्थान करेगा। साइगनस एक्सएल, सिग्नस स्पेसक्राफ्ट का एक बड़ा और भारी मालवाहक संस्करण है, जिसे सौर ऊर्जा से संचालित किया जाता है। इस स्पेसक्राफ्ट को स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर सवार होकर फ्लोरिडा के कैप कैनेवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन को नासा के नॉर्थरोप ग्रुम्मन सीआरएस 24 या सीआरएस-24 के नाम से जाना जाता है।
लॉन्च के बाद, 13 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट (ईडीटी) पर आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री कैनेडेम 2 रोबोटिक आर्म का उपयोग करके साइगनस एक्सएल को पकड़ेंगे। इसके बाद इसे यूनिटी मॉड्यूल के पृथ्वी की ओर वाले पोर्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि कार्गो को आसानी से उतारा जा सके।
इस स्पेसक्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग भेजे जा रहे हैं। इनमें कोल्ड एटम लैब के लिए नया मॉड्यूल शामिल है, जो क्वांटम साइंस को आगे बढ़ाएगा और कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी में सुधार के साथ डार्क मैटर की खोज में सहायता कर सकता है। इसके अलावा, खून की बीमारियों और कैंसर के इलाज के लिए थेराप्यूटिक स्टेम सेल बनाने का हार्डवेयर और आंत के माइक्रोबायोम का अध्ययन करने वाला मॉडल भी शामिल है।
इस स्पेसक्राफ्ट का नाम नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री स्टीवन आर नागेल के सम्मान में एस एस स्टीवन आर नागेल रखा गया है। यह स्पेसक्राफ्ट अक्टूबर 2026 तक आईएसएस से जुड़ा रहेगा, उसके बाद यह कचरे के साथ पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सुरक्षित रूप से जलकर नष्ट हो जाएगा।
नासा ने लॉन्च और कैप्चर की पूरी कवरेज नासा+, अमेजन प्राइम और यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित करने की व्यवस्था की है। लॉन्च कवरेज शनिवार सुबह 7 बजकर 20 मिनट (भारतीय समयानुसार दोपहर 4 बजकर 50 मिनट) से शुरू होगी।