प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सौर ऊर्जा में नई ऊँचाई पर खुशी व्यक्त की
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने सर्वाधिक वार्षिक सौर क्षमता जोड़ी
- 45 गीगावाट की जोड़ी गई क्षमता
- राजस्थान, गुजरात, और महाराष्ट्र की भूमिका
- रिन्यूएबल एनर्जी में 51.5%25 हिस्सा
- सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन का डिविडेंड
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की, जिसमें देश ने अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक सोलर क्षमता जोड़ने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के एक लेख का उल्लेख करते हुए इस उपलब्धि पर टिप्पणी की।
जोशी ने अपने लेख में बताया कि भारत ने 2025-26 में करीब 45 गीगावाट (जीडब्ल्यू) की सौर क्षमता जोड़ी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है। इससे भारत का स्थान दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होते क्लीन एनर्जी बाजारों में मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और 'विकसित भारत' के लक्ष्य के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस सफलता में राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जहां बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किए गए।
मार्च 2026 में, 6.65 गीगावाट की सौर क्षमता जोड़ी गई, जो एक महीने में अब तक का सबसे बड़ा जोड़ है। यह यूटिलिटी-स्केल और डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर प्रोजेक्ट्स में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
यह उपलब्धि यह भी दिखाती है कि देश में घरेलू उत्पादन, ग्रिड एकीकरण और नीतिगत समर्थन में सुधार हुआ है। भारत पहले ही 150 गीगावाट से अधिक सौर क्षमता पार कर चुका है, जो आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र को और सशक्त बनाएगा, साथ ही उद्योग में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायता करेगा।
राज्यों द्वारा लगातार बढ़ रहे सोलर प्रोजेक्ट्स से ट्रांसमिशन नेटवर्क, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर उपकरण निर्माण में निवेश बढ़ने की संभावना है। इससे मॉड्यूल, इन्वर्टर और अन्य उपकरणों के निर्यात के अवसर भी विकसित होंगे।
इस बीच, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को 115 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक सौंपा, जो इस क्षेत्र की मजबूत वित्तीय स्थिति को प्रदर्शित करता है।
जोशी ने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के 'रिन्यूएबल एनर्जी स्टैटिस्टिक्स 2026' के अनुसार, भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़ते हुए रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2025 में भारत ने बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की थी, जब 203 गीगावाट की कुल मांग में से 51.5 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न हुई थी।
इसके अलावा, 31 मार्च 2026 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन (नॉन-फॉसिल फ्यूल) स्रोतों से कुल 283.46 गीगावाट क्षमता स्थापित की गई है।