युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि रोकने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कमी

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युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि रोकने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कमी

सारांश

केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कमी का निर्णय लेकर युद्ध के कारण बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। जानें इस फैसले का आम जनता पर पड़ने वाला प्रभाव।

Key Takeaways

  • एक्साइज ड्यूटी में कमी का निर्णय लिया गया है।
  • युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों को नियंत्रण में लाने का प्रयास।
  • छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
  • देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
  • उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।

राजकोट/संगरूर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का निर्णय लिया है, जिसे आम जनता ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। उनका मानना है कि यह कदम युद्ध के चलते बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक साबित होगा।

राजकोट के अवि मकवाना ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सरकार का यह निर्णय वास्तव में सराहनीय है। इससे ईंधन की कीमतों में वृद्धि को रोका जा सकेगा और छोटे व्यापारियों को भी विशाल राहत मिलेगी, क्योंकि ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर उनके व्यवसाय पर पड़ता है।

केयूर अनोरकट ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते विश्वभर में ईंधन की उपलब्धता में कमी आई है। हाल ही में पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। मोदी सरकार ने महंगाई को काबू में रखने के लिए पेट्रोल और डीजल में 10-10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी घटाई है, जिससे कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।

संगरूर में पंजाब पेट्रोलियम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद बंसल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि एक्साइज ड्यूटी में यह कटौती आम जनता के लिए कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं लाएगी, लेकिन यह तेल कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है और इससे नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निरंतर बनी हुई है।

सुखदीप सिंह ने कहा कि सरकार का यह कदम एक सकारात्मक निर्णय है और इससे आम जनता को निश्चित रूप से लाभ होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले कहा था कि एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।

अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल पर यह शून्य हो गई है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।

Point of View

यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार का निर्णय युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक होगा। यह कदम न केवल आम जनता के हित में है, बल्कि व्यापारियों के लिए भी राहत प्रदान करता है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

एक्साइज ड्यूटी में कमी से पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे प्रभावित होंगी?
एक्साइज ड्यूटी में कमी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
क्या यह निर्णय छोटे व्यापारियों को लाभ पहुंचाएगा?
हाँ, ईंधन की कीमतों में कमी से छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कमी है?
नहीं, देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
वित्त मंत्री ने इस फैसले के बारे में क्या कहा?
वित्त मंत्री ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।
यह निर्णय कब लिया गया?
यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया।
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