एनडीए सांसदों ने एक्साइज ड्यूटी कटौती को बताया जनता के हित में, राहत की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
- एक्साइज ड्यूटी में कटौती से ईंधन की कीमतें घटेंगी।
- एनडीए सांसदों ने इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का आम जनता पर सकारात्मक प्रभाव।
- विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल और आरोप।
- आर्थिक राहत की उम्मीद।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी के निर्णय को एनडीए के सांसदों ने जनता के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। सांसदों का कहना है कि भाजपा सरकार हमेशा से आम जन के हित में काम कर रही है। इस सरकार में सबका साथ, सबका विकास का सिद्धांत साकार हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा आम आदमी के हितों को प्राथमिकता देती है। एक्साइज ड्यूटी में कमी से लोगों को सीधे राहत मिलेगी और यह निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है।
आठवले ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है और हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखा जा रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मोदी सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि जबकि अन्य देशों में कीमतें बढ़ रही हैं और शैक्षणिक संस्थान बंद हो रहे हैं, भारत में सरकार लगातार जनता को राहत देने के लिए प्रयत्नशील है।
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि एक्साइज ड्यूटी में कमी से कीमतों में वृद्धि पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह जनता के बीच भ्रम और डर का माहौल बना रहा है।
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने इसे “प्रधानमंत्री मोदी का जादू” बताते हुए कहा कि जब विश्व में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, तब भारत में आम उपभोक्ताओं को राहत देना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सांसद धर्मशीला गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी को “जनसेवक” बताते हुए कहा कि उनके निर्णय हमेशा गरीबों और आम लोगों के कल्याण के लिए होते हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में कमी से आम जनता को सीधे लाभ होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर ने कहा कि यह निर्णय आम जनता के हित में लिया गया है और इससे व्यापक राहत मिलने की संभावना है।
केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राजनीतिक कारणों से लॉकडाउन की आशंका जता रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी केवल अपनी हार के डर से ऐसे बयान दे रही हैं।