ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का निर्णय: नागरिकों को राहत प्रदान करने वाला कदम, गृह मंत्री अमित शाह
सारांश
Key Takeaways
- ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से आम आदमी को राहत मिलेगी।
- मोदी सरकार का यह कदम जन-केंद्रित शासन का प्रतीक है।
- केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर ड्यूटी 3 रुपए और डीजल पर शून्य कर दी है।
- यह फैसला वैश्विक संकट के दौरान लिया गया है।
- जनता के हितों की रक्षा करना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता है।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की जन-केंद्रित शासन और संवेदनशील निर्णय लेने की क्षमता का परिचायक है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जब पश्चिम एशिया में संकट के बीच पूरी दुनिया ईंधन की कमी से जूझ रही है और कीमतें वैश्विक स्तर पर ऊंची हो रही हैं, ऐसे समय में मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का निर्णय नागरिकों को बहुत आवश्यक राहत प्रदान करता है।"
अमित शाह ने आगे लिखा, "जहां कई देश डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा रहे हैं, वहीं मोदी सरकार का यह निर्णय जन-केंद्रित शासन और संवेदनशील निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है। इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई।"
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "वर्तमान उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साहसी और संवेदनशील निर्णय लेकर स्थिति को संभाला है। उन्होंने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसे कोविड महामारी के दौरान भारत ने पूरे विश्व के लिए एक मिसाल कायम की थी, उसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने इस समय भी मार्गदर्शन किया है।"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने 'एक्स' पर कहा, "हर नागरिक के लिए एक बड़ी राहत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती की है। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है और डीजल पर इसे 10 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया गया है। पश्चिम एशिया संकट की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, हमने यह सुनिश्चित किया है कि आम आदमी पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े और साथ ही तेल कंपनियों पर भी दबाव कम किया गया है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "जब-जब देश ने चुनौतियों का सामना किया है, तब-तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी निर्णयों से देशवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 10 रुपए से शून्य करना आमजन को बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। इसके साथ ही, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क के माध्यम से देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना एक संतुलित एवं जनहितकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है।"
उन्होंने 'एक्स' पर आगे कहा, "यह निर्णय फिर से सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सदैव राष्ट्रहित और जनकल्याण सर्वोपरि है।"
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की, जिससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। यह कदम बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए उठाया गया है।