पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर पवन खेड़ा का सवाल: आम आदमी को क्या मिला?

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पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर पवन खेड़ा का सवाल: आम आदमी को क्या मिला?

सारांश

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। क्या यह राहत आम जनता तक पहुँच रही है? जानें नेताओं की प्रतिक्रियाएँ और इस फैसले के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई है।
  • विपक्षी दलों ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं।
  • यह कटौती आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुँच रही है।

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी घटाने का निर्णय लिया है, लेकिन इस पर विपक्षी दलों ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह राहत आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुँच रही है और इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने इस कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह कमी किसके लिए है? यह तो तेल कंपनियों के लिए है, आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं। यदि आप आज पेट्रोल भरवाने जाएंगे तो देखिए कि वास्तविक कीमत में कितनी कमी आई है—सिर्फ कुछ पैसे, जो आम आदमी के लिए लगभग नगण्य है।"

शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों के बीच जनता को कुछ राहत देना आवश्यक था, लेकिन यह निर्णय काफी हद तक चुनावी कारणों से लिया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष शुरू हुआ, तब सरकार ने एलपीजी की कीमतें बढ़ा दी थीं, चाहे वह कमर्शियल हो या घरेलू।

राजस्थान के जयपुर में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती पहले ही की जानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, "एक्साइज ड्यूटी तो बहुत पहले कम होनी चाहिए थी। 'स्पेशल सेस' के नाम पर जो टैक्स लिया जा रहा है, उसमें राज्यों को कोई हिस्सा नहीं मिलता। कच्चे तेल के दामों में कमी का फायदा जनता को नहीं मिल पाया।"

स्पेशल सेस या 'उपकर' एक ऐसा अतिरिक्त कर है, जिसे सरकार किसी विशेष उद्देश्य के लिए लागू करती है। इसे आम भाषा में 'टैक्स पर लगने वाला टैक्स' कहा जाता है।

Point of View

जबकि अन्य इसे आम जनता के लिए अपर्याप्त मानते हैं। यह एक ऐसा विषय है जिसे समझने की आवश्यकता है ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कटौती का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कुछ राहत प्रदान करना है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि इसका लाभ सही तरीके से नहीं पहुँच रहा है।
पवन खेड़ा ने इस निर्णय पर क्या कहा?
पवन खेड़ा ने कहा कि यह कटौती तेल कंपनियों के लिए है, आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं।
क्या यह फैसला चुनावी कारणों से लिया गया है?
कुछ नेता इसे चुनावी कारणों से लिया गया निर्णय मान रहे हैं, खासकर बढ़ती तेल कीमतों के संदर्भ में।
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