मोदी की ईंधन बचत और सोना न खरीदने की अपील पर NDA नेताओं की एकजुटता, बोले — जनता गंभीरता से ले

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मोदी की ईंधन बचत और सोना न खरीदने की अपील पर NDA नेताओं की एकजुटता, बोले — जनता गंभीरता से ले

सारांश

मोदी की ईंधन बचत और सोना न खरीदने की अपील को NDA नेताओं ने एकमत से समर्थन दिया। बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और JDU के नेताओं ने वैश्विक आर्थिक संकट का हवाला देते हुए जनता से संयम बरतने का आग्रह किया और विपक्ष की आलोचना को खारिज किया।

मुख्य बातें

NDA नेताओं ने 12 मई को प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत और सोना न खरीदने की अपील को एकजुट समर्थन दिया।
बिहार मंत्री श्रवण कुमार ने ईंधन की अत्यधिक खपत को प्रदूषण का बड़ा कारण बताया और पर्यावरण संरक्षण की अपील की।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन.
रामचंद्र राव ने कहा कि सोने की खरीदारी सीमित करने से विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा।
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने वैश्विक रेटिंग एजेंसियों की मंदी की चेतावनी का हवाला देते हुए जनता को मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा।
रामचंद्र राव ने याद दिलाया कि 2007 में वित्त मंत्री पी.
चिदंबरम ने भी ऐसी ही अपील की थी, जिससे विपक्ष की आलोचना खोखली साबित होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन की बचत करने और फिलहाल सोने की खरीदारी से बचने की अपील को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने व्यापक समर्थन दिया है। 12 मई को विभिन्न राज्यों के NDA नेताओं ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के इस दौर में प्रधानमंत्री की यह अपील न केवल समयोचित है, बल्कि देश के दीर्घकालिक हित में भी है।

बिहार और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों का समर्थन

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि डीजल और पेट्रोल का अत्यधिक उपयोग प्रदूषण का बड़ा कारण है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने सही दिशा में लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है और नागरिकों को ईंधन की खपत कम करने के उपाय अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने सोने की खरीदारी पर भी अपील का समर्थन किया और कहा कि नागरिकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों में देशवासियों को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील को पूरी तरह उचित और सार्थक बताया।

तेलंगाना भाजपा का रुख और विपक्ष पर पलटवार

तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों से खर्च और संसाधनों के उपयोग में संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर ज़ोर दिया — किसानों को उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करनी चाहिए, लोगों को विदेश यात्राएँ सीमित करनी चाहिए, और अनावश्यक रूप से सोना खरीदने से बचना चाहिए ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहे।

राव ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय आर्थिक संकट से गुज़र रही है, लेकिन भारत ने अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिरता बनाए रखी है। विपक्षी आलोचना पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना उचित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी आर्थिक संकट की आशंका के बीच लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी।

JDU नेताओं की चेतावनी: वैश्विक मंदी का खतरा

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि दुनिया की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने वैश्विक मंदी की आशंका जताई है, जिसका असर रोज़गार, नौकरियों और विकास पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर पूरी दुनिया चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए देश की जनता को आने वाली परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।

JDU सांसद रामप्रीत मंडल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या स्वैच्छिक संयम की अपील से वैश्विक मंदी के वास्तविक आर्थिक प्रभाव को कम किया जा सकता है। रामचंद्र राव का 2007 वाला तर्क दोधारी तलवार है — वह विपक्ष को घेरता है, लेकिन यह भी स्वीकार करता है कि ऐसी अपीलें सरकारों की आम प्रतिक्रिया रही हैं, चाहे कोई भी दल सत्ता में हो। असली परीक्षा यह होगी कि सरकार नागरिकों से संयम माँगने के साथ-साथ ईंधन मूल्य नीति, सोने पर आयात शुल्क और विदेशी मुद्रा प्रबंधन में क्या ठोस कदम उठाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने ईंधन बचत और सोना न खरीदने की अपील क्यों की?
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न दबाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है। इसका उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा और घरेलू संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित करना है।
NDA नेताओं ने मोदी की अपील का समर्थन क्यों किया?
NDA नेताओं का कहना है कि वैश्विक मंदी की आशंका और महंगाई के दौर में प्रधानमंत्री की अपील देशहित में है। बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के नेताओं ने इसे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक स्थिरता दोनों के लिए ज़रूरी बताया।
विपक्ष ने मोदी की अपील की आलोचना क्यों की?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल उठाए हैं, हालाँकि स्रोत में उनकी आलोचना का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है। भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए 2007 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की समान अपील का हवाला दिया।
सोने की खरीदारी सीमित करने से देश को क्या फायदा होगा?
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के अनुसार, सोने की अनावश्यक खरीदारी कम करने से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहता है। भारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए माँग में कमी से आयात बिल घटता है और मुद्रा पर दबाव कम होता है।
JDU नेताओं ने वैश्विक मंदी को लेकर क्या चेतावनी दी?
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने मंदी की आशंका जताई है, जिसका असर रोज़गार, नौकरियों और विकास पर पड़ सकता है। उन्होंने देश की जनता से आने वाली परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस