पड़ोसी देशों में ईंधन 40% महंगा, भारत में केवल ₹3 की बढ़ोतरी: गुलाम अली खटाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पड़ोसी देशों में ईंधन 40% महंगा, भारत में केवल ₹3 की बढ़ोतरी: गुलाम अली खटाना

सारांश

खाड़ी युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच BJP सांसद गुलाम अली खटाना का दावा — जहाँ पड़ोसी देशों में ईंधन 25 से 40 प्रतिशत तक महंगा हुआ, वहीं भारत में केवल ₹3 की बढ़ोतरी हुई। NDA नेताओं ने इसे मोदी सरकार की 'बेहतर प्रबंधन क्षमता' बताया।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने 15 मई 2026 को कहा कि पड़ोसी देशों में ईंधन 25 से 40 प्रतिशत तक महंगा हुआ, जबकि भारत में केवल ₹3 की बढ़ोतरी हुई।
BJP प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने खाड़ी संघर्ष और अमेरिका-ईरान-इज़रायल तनाव को वैश्विक तेल मूल्यवृद्धि का कारण बताया।
राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने PM मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' और ईंधन बचत की सात अपीलों का समर्थन किया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि खाड़ी से तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण यह निर्णय मजबूरी में लिया गया।
खटाना के अनुसार, 2014 के बाद भारत की वैश्विक साख बढ़ी है और EU, अमेरिका, रूस तथा मध्य-पूर्व भारत में निवेश के इच्छुक हैं।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने 15 मई 2026 को कहा कि वैश्विक संकट और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में बहुत कम बढ़ी हैं। उनके अनुसार, यह केंद्र सरकार की सोची-समझी नीति का परिणाम है।

खटाना का तुलनात्मक तर्क

गुलाम अली खटाना ने कहा, 'कुछ देशों में कीमतें 25 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, कहीं 40 प्रतिशत और कहीं 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहतर प्रबंधन क्षमता का परिणाम है कि भारत में जनता पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और पूरी कैबिनेट, विशेषकर ऊर्जा मंत्रालय, लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

वैश्विक संदर्भ और भारत की स्थिति

BJP प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी इस मुद्दे पर कहा कि अमेरिका, ईरान, इज़रायल और खाड़ी क्षेत्र के संघर्षों के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के कई देशों में ईंधन और गैस की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, लेकिन भारत में केवल ₹3 की बढ़ोतरी हुई है। भारत सरकार की कोशिश है कि आम जनता पर कम से कम बोझ पड़े।'

एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया

राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' और ईंधन बचत की अपील का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'यह केवल भारत की समस्या नहीं है। दुनिया के कई देश इस संकट से प्रभावित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से सहयोग की अपील की है।' उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सात महत्वपूर्ण अपीलें की हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार ने बेहद मजबूरी और कठिन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं और इसी वजह से महंगाई भी बढ़ रही है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, जहाँ से तेल की आपूर्ति होती है — इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।'

भारत की वैश्विक स्थिति पर जोर

गुलाम अली खटाना ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके अनुसार, भारत अब संकट से उबरकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ, अमेरिका, रूस और मध्य-पूर्व के देश अब भारत में निवेश करना चाहते हैं — जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और नेतृत्व का परिणाम बताया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं और खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। सरकार की ओर से फिलहाल यही संकेत मिल रहे हैं कि ईंधन कीमतों पर नजर रखी जाएगी और जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है — लेकिन तुलना के लिए चुने गए देश और उनके आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत की औसत आय और क्रय शक्ति पड़ोसी देशों से अलग है, इसलिए प्रतिशत तुलना आम उपभोक्ता पर वास्तविक बोझ को पूरी तरह नहीं दर्शाती। विपक्ष की चुप्पी या प्रतिक्रिया इस बहस में अनुपस्थित है, जो एकतरफा तस्वीर पेश करती है। असली जाँच यह होनी चाहिए कि ₹3 की बढ़ोतरी का निर्णय किस तंत्र से हुआ और भविष्य में कीमतें और बढ़ेंगी या नहीं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
BJP प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन के अनुसार, भारत में हालिया बढ़ोतरी केवल ₹3 प्रति लीटर है। सरकार का कहना है कि वैश्विक दबाव के बावजूद आम जनता पर बोझ कम रखने की कोशिश की गई है।
पड़ोसी देशों में ईंधन कितना महंगा हुआ है?
BJP राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना के अनुसार, कुछ पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें 25 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। हालाँकि उन्होंने किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया और ये आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।
PM मोदी ने ईंधन संकट को लेकर क्या अपील की है?
राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सात महत्वपूर्ण अपीलें की हैं, जिनमें 'वर्क फ्रॉम होम' और ईंधन की बचत शामिल हैं। यह अपील वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर की गई है।
ईंधन कीमतें बढ़ने की वजह क्या है?
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और BJP प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध और अमेरिका-ईरान-इज़रायल के बीच तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है।
क्या भारत सरकार आगे भी ईंधन कीमतें नियंत्रित रखेगी?
गुलाम अली खटाना के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और ऊर्जा मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालाँकि सरकार ने भविष्य की कीमतों को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 4 घंटे पहले
  6. 4 घंटे पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले