पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर दिलीप घोष का बचाव: 'वैश्विक संकट में मोदी ने देश को नुकसान से बचाया'

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पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर दिलीप घोष का बचाव: 'वैश्विक संकट में मोदी ने देश को नुकसान से बचाया'

सारांश

वैश्विक युद्ध और आर्थिक उथल-पुथल के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं तो मंत्री दिलीप घोष मैदान में आए — तर्क यह कि मोदी ने जितना हो सका, उतना बोझ रोका। दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 पर पहुँचा।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 15 मई 2025 को पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि का बचाव किया।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर बढ़कर ₹97.77 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर बढ़कर ₹90.67 हुआ।
घोष ने कहा कि तेल कंपनियाँ हजारों करोड़ के घाटे में थीं और केवल अनिवार्य बढ़ोतरी की गई।
उन्होंने तर्क दिया कि PM मोदी की नीतियों ने वैश्विक संकट के बावजूद भारत में दाम देर से बढ़ने दिए।
कोलकाता डीजीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी पर घोष ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की बात स्वीकार की।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 15 मई 2025 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बचाव किया और कहा कि वैश्विक युद्ध तथा आर्थिक संकटों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों पर अचानक भारी बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी न्यूनतम और आवश्यक थी। देशभर में शुक्रवार से लागू नई दरों के तहत दिल्ली में पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर बढ़कर ₹97.77 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा होकर ₹90.67 पर पहुँच गया है।

मंत्री दिलीप घोष का बयान

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'दुनिया में जो युद्ध चल रहा है, उसने दूसरे देशों के लिए कई संकट खड़े कर दिए हैं। पीएम मोदी ने अचानक से यह बोझ हम पर नहीं डाला है। सिर्फ गैस की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लेकिन हर कोई जानता था कि देर-सवेर ये बढ़ेंगी। पेट्रोल-डीजल पर कम से कम बढ़ोतरी की गई है। जनता को समझना चाहिए और कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार जनता के हित में काम कर रही है और यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विश्व में महसूस की जा रही है।

तेल कंपनियों के घाटे का तर्क

घोष ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियाँ लंबे समय से भारी घाटे में चल रही थीं और उन्हें हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार, इन कंपनियों की घाटा सहने की भी एक सीमा होती है, इसलिए केवल उतनी ही बढ़ोतरी की गई जितनी अनिवार्य थी। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बहुत पहले ही बढ़ चुके थे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों ने भारत में इसे लंबे समय तक नियंत्रण में रखा।

कोलकाता डीजीपी की गिरफ्तारी पर टिप्पणी

इसी प्रेस वार्ता में मंत्री घोष ने कोलकाता के डीजीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी के संदर्भ में कहा कि सरकारी दफ्तरों, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों में ऐसे अधिकारी मौजूद हैं जो 'हेराफेरी करने, सरकारी पैसे की लूट करने और प्रशासन का गलत इस्तेमाल करने' में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 'यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है' और ऐसे नेता व मंत्री भी इस श्रेणी में आते हैं।

नई कीमतें और आम जनता पर असर

देशभर में शुक्रवार से लागू संशोधित दरों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹3.14 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ ₹97.77 प्रति लीटर हो गई है। डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा होकर ₹90.67 प्रति लीटर पर आ गया है। आलोचकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी परिवहन लागत और महंगाई पर सीधा असर डालेगी, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस पर और स्पष्टीकरण आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तर्क में कमज़ोरी है — 'न्यूनतम बढ़ोतरी' का दावा तब खोखला लगता है जब दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 पर पहुँच जाए। यह सवाल बना रहता है कि तेल कंपनियों का घाटा कब और क्यों इतना बढ़ा, और क्या सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप किया। वैश्विक संकट असली है, लेकिन उसकी आड़ में घरेलू कर नीति की जवाबदेही से बचना मुश्किल है — भारत में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र और राज्य दोनों के कर अंतरराष्ट्रीय तुलना में ऊँचे हैं, जो मूल्यवृद्धि की मार को और तीखा बनाते हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें क्या हैं?
शुक्रवार से लागू नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल में ₹3.14 और डीजल में ₹3.11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
दिलीप घोष ने पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि का बचाव क्यों किया?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि वैश्विक युद्ध और संकट के कारण तेल कंपनियाँ हजारों करोड़ के घाटे में थीं और PM मोदी ने जितना संभव हो सका, उतने समय तक बोझ नहीं बढ़ने दिया। उनके अनुसार यह बढ़ोतरी न्यूनतम और अपरिहार्य थी।
क्या यह मूल्यवृद्धि केवल भारत में हुई है?
घोष के अनुसार नहीं — विकसित देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बहुत पहले ही बढ़ चुके थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारत ने इसे देर से और कम मात्रा में लागू किया।
कोलकाता डीजीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास की गिरफ्तारी पर घोष ने क्या कहा?
मंत्री घोष ने कहा कि सरकारी दफ्तरों और पुलिस प्रशासन में हेराफेरी और सरकारी पैसे की लूट में शामिल अधिकारी मौजूद हैं और यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेता और मंत्री भी इसमें शामिल हैं।
इस मूल्यवृद्धि का आम जनता पर क्या असर होगा?
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें परिवहन लागत बढ़ाएंगी, जिसका सीधा असर रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। आलोचकों का कहना है कि मध्यम और निम्न आय वर्ग पर इसका बोझ सबसे अधिक पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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