पेट्रोल ₹97.77, डीजल ₹90.67 प्रति लीटर: दाम बढ़ते ही कांग्रेस का हमला, 'चुनाव खत्म, वसूली शुरू'

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पेट्रोल ₹97.77, डीजल ₹90.67 प्रति लीटर: दाम बढ़ते ही कांग्रेस का हमला, 'चुनाव खत्म, वसूली शुरू'

सारांश

विधानसभा चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल ₹3.14 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा हुआ — दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 पर पहुंचा। कांग्रेस ने इसे 'चुनाव बाद वसूली' करार दिया और महंगाई के 6% तक पहुंचने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

पेट्रोल की कीमत ₹3.14 प्रति लीटर बढ़कर दिल्ली में ₹97.77 प्रति लीटर हो गई।
डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा होकर ₹90.67 प्रति लीटर पर पहुंचा; सीएनजी ₹79.09 प्रति किलोग्राम ।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा — महंगाई इस वित्त वर्ष 6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने ईंधन दाम बढ़ाए।
यह बढ़ोतरी वाणिज्यिक एलपीजी मूल्य-वृद्धि के बाद आई — विपक्ष ने इसे क्रमिक 'वसूली' बताया।

केंद्र सरकार द्वारा देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपए से अधिक तथा सीएनजी में 2 रुपए की बढ़ोतरी के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 15 मई 2026 को तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने आम जनता से 'वसूली' शुरू कर दी है। नेताओं ने चेतावनी दी कि इस बढ़ोतरी से महंगाई और तेज होगी।

नए दाम: दिल्ली में क्या है नई कीमत

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹3.14 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹97.77 प्रति लीटर कर दी गई है। डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा होकर ₹90.67 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, सीएनजी की नई दर ₹79.09 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।

जयराम रमेश का एक्स पर हमला

कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'वर्षों तक जब अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें कम थीं या गिर रही थीं, तब कांग्रेस लगातार यह माँग करती रही कि उसका लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और गैस, पेट्रोल व डीजल की घरेलू कीमतों में कमी की जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उपभोक्ताओं को लूटा गया।'

रमेश ने आगे लिखा, 'अब जबकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें बढ़ रही हैं और विधानसभा चुनाव भी समाप्त हो चुके हैं, सरकार ने पहले वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें बढ़ाने के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है। इससे महंगाई और बढ़ना तय है, जो अब इस वित्त वर्ष में करीब 6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। विकास दर के अनुमान भी काफी कम हो जाएंगे।'

कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से 'वसूली' का आरोप

कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया, 'पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया। वहीं, सीएनजी के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म — वसूली शुरू।' यह आरोप ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हाल ही में संपन्न हुए हैं।

महंगाई पर असर और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन लागत, खाद्य वस्तुओं और अन्य उपभोक्ता सामग्री की कीमतों पर पड़ता है। कांग्रेस के अनुसार, इस वित्त वर्ष में महंगाई दर 6 प्रतिशत के करीब पहुंच सकती है, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के सहनीय स्तर की ऊपरी सीमा है। यह बढ़ोतरी वाणिज्यिक एलपीजी में पहले हुई बढ़ोतरी के बाद आई है, जो एक क्रमिक मूल्य-वृद्धि का संकेत देती है।

आगे क्या

विपक्ष की ओर से दबाव बढ़ने के बीच देखना होगा कि सरकार इस मूल्य-वृद्धि को लेकर कोई स्पष्टीकरण देती है या नहीं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा तो आने वाले हफ्तों में घरेलू ईंधन दरों पर और दबाव बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक स्थापित पैटर्न बन चुका है। असली सवाल यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिली — और अब जब वे बढ़ी हैं, तो बोझ तुरंत क्यों डाला गया। महंगाई के 6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान RBI की सहनीय सीमा को छूता है, जिससे ब्याज दर नीति पर भी दबाव बन सकता है। बिना पारदर्शी मूल्य-निर्धारण फॉर्मूले के, यह बहस हर बढ़ोतरी के साथ दोहराती रहेगी।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के नए दाम क्या हैं?
दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर है। पेट्रोल में ₹3.14 और डीजल में ₹3.11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
सीएनजी के नए दाम क्या हैं?
दिल्ली में सीएनजी की नई दर ₹79.09 प्रति किलोग्राम हो गई है, जो पहले की तुलना में ₹2 प्रति किलोग्राम अधिक है।
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल बढ़ोतरी पर क्या कहा?
कांग्रेस ने इसे 'चुनाव बाद वसूली' करार दिया। महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस बढ़ोतरी से महंगाई इस वित्त वर्ष 6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है और विकास दर के अनुमान भी घटेंगे।
ईंधन दाम बढ़ने से महंगाई पर क्या असर पड़ेगा?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन और खाद्य वस्तुओं की लागत बढ़ेगी, जिससे महंगाई दर इस वित्त वर्ष में करीब 6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
क्या यह बढ़ोतरी केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित है?
नहीं, इससे पहले वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें भी बढ़ाई जा चुकी हैं। अब पेट्रोल, डीजल और सीएनजी — तीनों ईंधनों के दाम बढ़े हैं, जिसे विपक्ष क्रमिक मूल्य-वृद्धि की नीति बता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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