मजबूत डॉलर से सोना-चांदी धराशाई: MCX पर चांदी ₹11,644 और सोना ₹1,623 टूटा
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 15 मई 2026 को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में तीखी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें चांदी इंट्राडे में ₹11,644 तक लुढ़की और सोना ₹1,623 तक कमज़ोर हुआ। डॉलर इंडेक्स के पाँच हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुँचने को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।
MCX पर चांदी की चाल
चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,91,102 के मुकाबले ₹11,102 (3.81%) की कमज़ोरी के साथ ₹2,80,000 पर खुला। इंट्राडे में इसने ₹2,79,458 का निचला स्तर छुआ, जो पिछली क्लोजिंग से ₹11,644 कम है। इंट्राडे उच्च स्तर ₹2,83,938 रहा। सुबह 10:06 बजे IST तक चांदी 2.94% (₹8,563) की गिरावट के साथ ₹2,82,539 पर कारोबार कर रही थी।
MCX पर सोने की स्थिति
सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,61,978 के मुकाबले ₹1,188 (0.73%) की कमज़ोरी के साथ ₹1,60,790 पर खुला। इंट्राडे में इसने ₹1,60,355 का निचला स्तर बनाया, जो पिछली क्लोजिंग से ₹1,623 कम है; इंट्राडे उच्च ₹1,60,992 था। खबर लिखे जाने तक सोना 0.89% (₹1,438) की गिरावट के साथ ₹1,60,540 पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक बाज़ारों में भी धातुओं पर दबाव बना रहा। सोना 1.54% की गिरावट के साथ 4,615 डॉलर प्रति औंस और चांदी 4.47% की कमज़ोरी के साथ 81.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। जानकारों के अनुसार सोने के लिए 4,560–4,520 डॉलर प्रति औंस का स्तर प्रमुख सपोर्ट है, जबकि 4,700–4,750 डॉलर प्रति औंस पर रुकावट देखी जा रही है।
डॉलर इंडेक्स की मज़बूती: असली कारण
विश्लेषकों के अनुसार इस गिरावट की जड़ डॉलर इंडेक्स की मज़बूती में है, जो 0.23% बढ़कर 98.955 पर पहुँच गया — यह बीते पाँच हफ्तों का उच्चतम स्तर है। डॉलर इंडेक्स अमेरिकी डॉलर की यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक जैसी छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले स्थिति को दर्शाता है। डॉलर के मज़बूत होने से सोना और चांदी अन्य मुद्राओं में महँगे हो जाते हैं, जिससे वैश्विक माँग घटती है और कीमतों पर दबाव बनता है।
आगे क्या
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक डॉलर इंडेक्स ऊँचे स्तर पर बना रहता है, सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों और फेडरल रिज़र्व के संकेतों पर होगी, जो आने वाले सत्रों में धातुओं की दिशा तय करेंगे।