फेड फैसले से पहले MCX पर सोना ₹1,50,720 और चांदी ₹2,43,589 पर खुली, सीमित दायरे में कारोबार
सारांश
Key Takeaways
- MCX पर सोने का 5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट ₹1,50,720 पर खुला, पिछली क्लोजिंग से ₹693 (0.46%25) ऊपर।
- चांदी का 3 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट ₹2,43,589 पर खुला, ₹826 (0.34%25) की बढ़त के साथ।
- अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना $4,616 प्रति औंस (+0.19%25) और चांदी $73.81 प्रति औंस (+0.81%25) पर।
- बीते एक साल में सोने ने 40%25 और चांदी ने 120%25 का डॉलर-रिटर्न दिया है।
- अमेरिकी फेड का ब्याज दर फैसला देर रात अपेक्षित; फेड का सख्त रुख सोने के लिए नकारात्मक हो सकता है।
मुंबई में बुधवार, 29 अप्रैल को अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर फैसले से पहले सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ खुले। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में शुरुआती बढ़त दर्ज हुई, हालांकि कारोबार एक सीमित दायरे में ही रहा। बाज़ार की नज़रें देर रात आने वाले फेड के फैसले पर टिकी हैं।
MCX पर सोने का हाल
MCX पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,50,027 के मुकाबले ₹693 यानी 0.46 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,50,720 प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि सुबह 9:55 बजे यह ₹19 यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹1,50,008 पर आ गया। इंट्राडे कारोबार में सोने ने ₹1,49,720 का न्यूनतम और ₹1,51,527 का उच्चतम स्तर छुआ।
MCX पर चांदी का हाल
चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,42,763 के मुकाबले ₹826 यानी 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ ₹2,43,589 पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह ₹712 यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,43,475 पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे में चांदी ने ₹2,42,972 का न्यूनतम और ₹2,43,835 का उच्चतम स्तर बनाया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेजी
वैश्विक बाज़ारों में भी दोनों धातुएँ तेजी के साथ कारोबार कर रही थीं। सोना 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,616 प्रति औंस और चांदी 0.81 प्रतिशत की मजबूती के साथ $73.81 प्रति औंस पर थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशकों की सुरक्षित निवेश की माँग बनी हुई है।
फेड फैसले का असर और विशेषज्ञों की राय
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व का ब्याज दर पर फैसला देर रात आने की उम्मीद है। यह फैसला ऐसे समय पर आ रहा है जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण महंगाई का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेड ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत देता है तो यह सोने के लिए नकारात्मक हो सकता है और आने वाले समय में कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
एक साल में शानदार रिटर्न
गौरतलब है कि वैश्विक अस्थिरता के चलते सोने और चांदी ने बीते एक साल में निवेशकों को उल्लेखनीय रिटर्न दिया है। इस दौरान डॉलर में सोने ने करीब 40 प्रतिशत और चांदी ने 120 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। आने वाले घंटों में फेड का रुख ही तय करेगा कि इन धातुओं की कीमतों का अगला पड़ाव क्या होगा।