मायावती ने राजकुमार भाटी के ब्राह्मण-विरोधी बयान पर अखिलेश यादव से माँगी माफी

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मायावती ने राजकुमार भाटी के ब्राह्मण-विरोधी बयान पर अखिलेश यादव से माँगी माफी

सारांश

BSP प्रमुख मायावती ने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के ब्राह्मण-विरोधी बयान पर एक्स पर हमला बोला और अखिलेश यादव की चुप्पी को 'गंभीर' करार दिया। पुलिस मुकदमे के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। यह प्रकरण यूपी की जातीय राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।

मुख्य बातें

BSP प्रमुख मायावती ने 15 मई को एक्स पर पोस्ट कर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के ब्राह्मण-विरोधी कथित बयान की कड़ी निंदा की।
मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से ब्राह्मण समाज के प्रति तत्काल क्षमा माँगने की माँग की।
पुलिस ने भाटी के बयान पर मुकदमा दर्ज किया; भाटी ने सार्वजनिक माफी माँगी और कहा कि उनकी मंशा किसी को आहत करने की नहीं थी।
मायावती ने सपा पर जातिवादी चाल-चरित्र का आरोप लगाते हुए BSP को सर्वसमाज की हितैषी पार्टी बताया।
सपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं; विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में तनाव बढ़ा रहा है।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार, 15 मई को समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समुदाय पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर तीखा हमला बोला। मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की इस मामले पर बनी हुई चुप्पी को 'गंभीर' करार देते हुए उनसे ब्राह्मण समाज से तत्काल क्षमा माँगने की माँग की।

मायावती का एक्स पर सीधा हमला

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, 'समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निंदा स्वाभाविक ही है।' उन्होंने आगे कहा कि पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भी यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा और 'संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की खामोशी से मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है।'

अखिलेश यादव से माफी की माँग

मायावती ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि 'सपा प्रवक्ता के गैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुँची है, उसे गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिए।' उन्होंने इसे 'संभवतः उचित' कदम बताया।

सपा पर जातिवाद का आरोप

मायावती ने इस प्रकरण को सपा की 'चाल-चरित्र' से जोड़ते हुए कहा कि इससे यह साबित होता है कि सपा का ब्राह्मण-विरोधी जातिवादी रवैया 'बदला नहीं बल्कि और गहरा हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के प्रति ब्राह्मण समाज में जो नाराज़गी है, वह 'किसी से छिपी नहीं है।' इसके विपरीत, उन्होंने BSP का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा ब्राह्मण समाज सहित सर्वसमाज को 'उचित भागीदारी और आदर-सम्मान' दिया है।

राजकुमार भाटी का विवादित बयान और सफाई

सपा नेता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया उभरी। कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए और कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। भाटी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने की नहीं थी और सार्वजनिक रूप से माफी माँगते हुए कहा कि 'यदि उनके बयान से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तनातनी चल रही है। मायावती का यह हमला BSP की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें पार्टी ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश करती रही है। सपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे विवाद और गहराने की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BSP की उस सुविचारित रणनीति का हिस्सा है जो ब्राह्मण मतदाताओं को पार्टी के करीब लाने की कोशिश करती रही है — वही रणनीति जो 2007 में सर्वजन फॉर्मूले के तहत BSP को पूर्ण बहुमत दिला चुकी है। सपा की चुप्पी कूटनीतिक हो सकती है, लेकिन यह उसके मुस्लिम-यादव आधार के बाहर विस्तार की महत्वाकांक्षाओं को नुकसान पहुँचा सकती है। गौरतलब है कि ऐसे बयान-विवाद अक्सर चुनावी मौसम से पहले जातीय ध्रुवीकरण के औज़ार बन जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या भाटी की माफी इस आग को बुझाने के लिए पर्याप्त होगी, या यह विवाद आगामी चुनावी समीकरणों को नए सिरे से तय करेगा।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज को लेकर क्या कहा था?
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे कई संगठनों और लोगों ने अभद्र और अशोभनीय बताया। बयान के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और भाटी ने सार्वजनिक माफी माँगी।
मायावती ने अखिलेश यादव से माफी क्यों माँगी?
मायावती का कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव की इस विवाद पर चुप्पी मामले को और गंभीर बना रही है। उनके अनुसार पार्टी प्रमुख को तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना करनी चाहिए।
क्या राजकुमार भाटी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
हाँ, विवादित बयान के बाद पुलिस ने राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भाटी ने सार्वजनिक माफी माँगते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी की भावनाएँ आहत करने की नहीं थी।
BSP का ब्राह्मण समाज के साथ क्या रिश्ता रहा है?
मायावती के अनुसार BSP ने हमेशा ब्राह्मण समाज सहित सर्वसमाज को पार्टी और सरकार में उचित भागीदारी और आदर-सम्मान दिया है। 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BSP का 'सर्वजन' फॉर्मूला, जिसमें ब्राह्मण मतदाताओं को साथ जोड़ा गया था, पार्टी को पूर्ण बहुमत दिला चुका है।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं की सहानुभूति को लेकर। सपा की चुप्पी और BSP का आक्रामक रुख दोनों दलों के बीच जातीय राजनीति की लड़ाई को नया आयाम दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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