मायावती का सपा पर आरोप, कहा- 'पीडीए' चुनावी छलावा है

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मायावती का सपा पर आरोप, कहा- 'पीडीए' चुनावी छलावा है

सारांश

लखनऊ में कांशीराम की जयंती पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा और अन्य दलों का 'पीडीए' नारा केवल चुनावी स्वार्थ है। जानें, मायावती ने क्या कहा?

Key Takeaways

  • मायावती ने सपा पर तीखा हमला किया है।
  • 'पीडीए' का नारा चुनावी स्वार्थ है।
  • कांशीराम की जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई।
  • बसपा बहुजन समाज के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की गई है।

लखनऊ, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बहुजन समाज से बसपा में शामिल होकर सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के आंदोलन को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि बहुजन समाज के हितों की बात करने वाले दलों की कथनी और करनी में गहरा अंतर है।

मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के कल्याण के लिए बसपा ही असली आंदोलन और राजनीतिक शक्ति है, जबकि अन्य दलों की नीतियों में भारी अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और अन्य दलों ने बहुजन समाज की एकता को कमजोर करने का काम किया है, जिससे समाज को अधिक हानि हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि गरीब, दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों के नाम पर राजनीति करने वाले दलों ने इन वर्गों के साथ न्याय नहीं किया। सपा का 'पीडीए' का नारा केवल चुनावी लाभ के लिए है, और चुनाव के समय ही इन्हें इन वर्गों की याद आती है।

मायावती ने कहा कि सपा अन्य जातिवादी दलों की तरह बहुजन समाज के लिए हितकारी नहीं रही है, और इसका सबूत उनके राजनीतिक इतिहास में स्पष्ट है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज का इन पार्टियों से मोहभंग हो रहा है और ब्राह्मण समाज का भी बसपा से जुड़ाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजनों की एकता और राजनीतिक शक्ति ही उनके अधिकारों की वास्तविक रक्षा है।

कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मायावती ने कहा कि उनका जीवन बहुजन समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने भीमराव आंबेडकर की सोच को नई ऊर्जा दी और बहुजन समाज को संगठित करने का काम किया।

उन्होंने कहा कि बसपा के कार्यकर्ताओं ने देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर कांशीराम को श्रद्धांजलि दी और सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

मायावती ने अपील की कि बहुजन समाज बसपा से जुड़कर सच्चे अम्बेडकरवादी बनें और अपने वोट की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करें।

उन्होंने कहा कि बसपा ही बहुजन समाज के हितों के लिए असली राजनीतिक शक्ति है। उन्होंने कहा कि कुछ दलों का 'पीडीए' जैसे नारों के माध्यम से दिखावा करना केवल चुनावी स्वार्थ है।

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने में और देरी नहीं करनी चाहिए। बसपा प्रमुख ने बताया कि लखनऊ में पार्टी मुख्यालय और नोएडा में राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर कांशीराम को श्रद्धांजलि दी और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Point of View

जिससे यह स्पष्ट होता है कि बहुजन समाज का उत्थान उनकी प्राथमिकता है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

मायावती ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
मायावती ने कहा कि सपा का 'पीडीए' का नारा केवल चुनावी छलावा है और ये दल बहुजन समाज के हितों की अनदेखी करते हैं।
कांशीराम की जयंती पर मायावती का क्या संदेश था?
मायावती ने कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए बहुजन समाज से बसपा से जुड़कर सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
मायावती ने किस वर्ग का समर्थन किया?
उन्होंने दलित, पिछड़े वर्ग और मुस्लिम समाज के अधिकारों की रक्षा का समर्थन किया।
बसपा का राजनीतिक महत्व क्या है?
बसपा का दावा है कि वह बहुजन समाज के हितों के लिए असली राजनीतिक शक्ति है।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग क्यों की गई?
मायावती ने कहा कि कांशीराम के योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में और देरी नहीं होनी चाहिए।
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